क्या हैदराबाद में चीनी मांझे ने एक 5 वर्षीय बच्ची की जान ले ली?

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क्या हैदराबाद में चीनी मांझे ने एक 5 वर्षीय बच्ची की जान ले ली?

सारांश

हैदराबाद में एक पांच साल की बच्ची का जीवन एक खतरनाक चीनी मांझे के कारण समाप्त हो गया। यह घटना तेलंगाना में घटित हुई और यह समस्या बढ़ती जा रही है। जानिए इस दर्दनाक घटना के पीछे की सच्चाई और पुलिस की कार्रवाई।

Key Takeaways

  • चीनी मांझा के उपयोग पर प्रतिबंध है।
  • पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
  • इस घटना ने सुरक्षा के मानकों पर सवाल उठाए हैं।
  • समाज को इस खतरे के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।
  • हमें मिलकर उपाय खोजना होगा।

हैदराबाद, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना में प्रतिबंधित चीनी मांझे ने एक और जिंदगी छीन ली है। सोमवार को हैदराबाद में एक पांच वर्षीय बच्ची इसकी शिकार बनी।

यह घटना तेलंगाना के कुकटपल्ली क्षेत्र में घटित हुई, जब बच्ची अपने पिता और बहन के साथ मोटरसाइकिल पर यात्रा कर रही थी।

पुलिस के अनुसार, उड़ती हुई पतंग का मांझा बच्ची के गले में फंस गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण 5 वर्षीय निश्विका आदित्य की मौके पर ही मौत हो गई।

वह अपने पिता के आगे बैठी थी, जो मोटरसाइकिल चला रहे थे, जबकि उसकी बहन पीछे बैठी थी। वे मेडचल-मलकाजगिरी जिले के काजीपल्ली से कुकटपल्ली आ रहे थे।

पुलिस ने इस घटना का मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। तेलंगाना में दो सप्ताह के अंदर यह दूसरी ऐसी घटना है।

संगारेड्डी जिले में 14 जनवरी को एक व्यक्ति की भी इसी तरह की घटना में जान चली गई थी। उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर अविदेश मोटरसाइकिल चला रहे थे, तभी मांझा उनके गले में फंस गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस महीने हैदराबाद और आस-पास के क्षेत्रों में चीनी मांजे से एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।

घायलों में एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) और एक 70 वर्षीय महिला भी शामिल हैं।

2024 में, हैदराबाद में चीनी मांजे से गला कटने के कारण भारतीय सेना के एक अधिकारी की भी मृत्यु हो गई थी।

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी 30 वर्षीय कागीथला कोटेश्वर रेड्डी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह घटना तब हुई जब वह लंगर हाउज क्षेत्र में इंदिरा रेड्डी फ्लाईओवर पर स्कूटर चला रहे थे।

प्रतिबंध के बावजूद, हाल ही में संक्रांति के त्योहार के दौरान पतंग उड़ाने के लिए चीनी मांजे का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया।

हैदराबाद पुलिस ने शहर में चीनी मांजा (सिंथेटिक/नायलॉन पतंग की डोर) की बिक्री, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था।

8 से 11 जनवरी के बीच पुलिस ने 43 लाख रुपए मूल्य के 2,150 बॉबिन चीनी मांजा जब्त किए।

पुलिस ने बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ 29 मामले दर्ज किए और 57 लोगों को गिरफ्तार किया।

पिछले एक महीने में पुलिस ने 132 मामले दर्ज किए और 1.68 करोड़ रुपए मूल्य के 8,376 बॉबिन जब्त किए। कुल 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

Point of View

हमें इस घटना से यह सीखने की जरूरत है कि समाज में सुरक्षा के मानकों को गंभीरता से लेना चाहिए। चीनी मांझा जैसे प्रतिबंधित सामग्रियों का उपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह हमारे बच्चों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। हमें मिलकर इस समस्या का समाधान खोजना होगा।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

चीनी मांझा क्या है?
चीनी मांझा एक सिंथेटिक या नायलॉन के धागे से बना होता है, जो पतंग उड़ाने में इस्तेमाल किया जाता है। यह बहुत खतरनाक होता है और इसके उपयोग पर प्रतिबंध है।
क्या हैदराबाद में चीनी मांझा का उपयोग बढ़ रहा है?
हां, हाल ही में संक्रांति के दौरान इसे बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए हैं।
पुलिस ने इस पर क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने चीनी मांजा की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने के लिए कई अभियान चलाए हैं और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
क्या यह पहली घटना है?
नहीं, पिछले कुछ समय में तेलंगाना में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे कई लोगों की जान गई है।
इसका हल क्या है?
समाज को इस खतरे के प्रति जागरूक होना पड़ेगा और चीनी मांझा के उपयोग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
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