क्या कांग्रेस गांधी परिवार के नेतृत्व में रहकर और नुकसान उठाएगी? गिरिराज सिंह
सारांश
Key Takeaways
- गांधी परिवार का नेतृत्व कांग्रेस के संकट का एक बड़ा कारण है।
- कांग्रेस के नेताओं के बीच अंदरूनी कलह बढ़ रही है।
- कर्नाटक में भी कांग्रेस सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है।
- भविष्य में कांग्रेस का पतन संभव है यदि स्थिति नहीं बदलती।
पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद दिल्ली में कांग्रेस की ओर से एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें दो नेताओं के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी कलह के कारण यह पार्टी समाप्ति की ओर बढ़ रही है।
गिरिराज सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "बिहार में हार के बाद कांग्रेस के नेताओं को कुछ समझ में नहीं आ रहा है। अब तो दो नेता बैठक में ही एक-दूसरे को मारने की धमकी दे रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस में क्या चल रहा है। यह सबको स्पष्ट है, इसमें कोई संदेह नहीं है।"
वास्तव में, कांग्रेस की समीक्षा बैठक में बिहार के वैशाली से कांग्रेस प्रत्याशी रहे इंजीनियर संजीव और पूर्णिया से चुनाव लड़ने वाले जितेंद्र यादव के बीच वाद-विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जब तक कांग्रेस गांधी परिवार के नेतृत्व में रहेगी, तब तक इसका नुकसान होता रहेगा। अभी तो कुछ नहीं हुआ है। आने वाले समय में कांग्रेस और नीचे जाएगी। इसका पतन होना तय है। इसमें कोई संदेह नहीं है।
कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, "कर्नाटक में जिस तरह के हालात बन रहे हैं, वह बहुत खराब हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर जिस प्रकार का विवाद हो रहा है, वह देश के लिए उचित नहीं है। विवाद कांग्रेस को शोभा नहीं देता। कर्नाटक में कांग्रेस को अच्छे शासन या लोगों की भलाई की कोई चिंता नहीं है। वहाँ सिर्फ सत्ता संघर्ष चल रहा है। कैसे सत्ता का लाभ उठाया जा सकता है, सभी नेता इसी में व्यस्त हैं, जबकि कर्नाटक के लोग सरकार से परेशान हो गए हैं।"
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस में लगातार अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है और गांधी परिवार का हस्तक्षेप हो रहा है, उससे आने वाले समय में इनकी पार्टी का पतन संभव है। अभी समय है कि राहुल गांधी सहित वरिष्ठ नेता इस विषय पर ध्यान दें।