जयपुर सड़क हादसा: नासिक-धुले के 3 श्रद्धालुओं की मौत, 7 घायल; पालकमंत्री गिरीश महाजन ने राजस्थान प्रशासन से की मदद की गुहार
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के निकट शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना में महाराष्ट्र के नासिक और धुले जिले के तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। धार्मिक यात्रा पर निकले इन श्रद्धालुओं का वाहन राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद महाराष्ट्र के नासिक जिले के पालकमंत्री गिरीश महाजन ने तत्काल राजस्थान प्रशासन से समन्वय स्थापित किया।
मुख्य घटनाक्रम
घटना की जानकारी मिलते ही पालकमंत्री गिरीश महाजन ने राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने मृतकों का पोस्टमार्टम शीघ्र पूरा कर पार्थिव शरीर परिजनों को जल्द से जल्द सौंपने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। राज्यपाल कार्यालय की ओर से आश्वस्त किया गया कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय है।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गँवाने वाले तीनों श्रद्धालु सटाणा तहसील, जिला नासिक के निवासी थे। मृतकों की पहचान संदीप रामसिंह मगर (58 वर्ष), दीपक सिंह (67 वर्ष) और महेंद्र विजय सिंह मगर (48 वर्ष) के रूप में हुई है। इनकी मृत्यु की सूचना पहुँचते ही नासिक और धुले जिलों में शोक की लहर दौड़ गई।
घायलों की स्थिति
बगरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से रेफर किए गए सातों घायलों को जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में जय कुमार महेंद्र सिंह नगर (22), एक अज्ञात पुरुष (45), संगीता (45), लाल सिंह (64), दानू बाई (60), सुमित्रा सुनील नगर (50) और मंगल बाई (50) शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों का उपचार जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
पालकमंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द उनके परिवारों तक पहुँचाने और घायलों को सर्वोत्तम उपचार दिलाने के लिए राजस्थान प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र से राजस्थान के तीर्थस्थलों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्राएँ वर्षभर जारी रहती हैं, और इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाएँ एक पुनरावर्ती चिंता बन चुकी हैं।
आम जनता पर असर
नासिक और धुले के स्थानीय लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब धार्मिक यात्राओं के मौसम में लंबी दूरी की बस और वाहन यात्राओं में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रभावित परिवार अब पार्थिव शरीरों की वापसी और घायलों की जल्द से जल्द घर वापसी की प्रतीक्षा में हैं।