सोपोर में अफीम की अवैध खेती पर पुलिस की कार्रवाई: एडी पोडा गांव में फसल नष्ट, NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज
सारांश
Key Takeaways
- सोपोर पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को एडी पोडा गांव में अवैध अफीम की फसल विधिवत नष्ट की।
- NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
- पुलिस, आबकारी, कृषि, बागवानी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने प्रथम श्रेणी कार्यकारी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कार्रवाई की।
- कुछ फसल के नमूने एकत्रित किए गए हैं, जिनकी जाँच की जाएगी।
- यह कार्रवाई 'नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान' के तहत की गई।
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को एडी पोडा गांव में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पूरी फसल को विधिवत नष्ट कर दिया और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी। यह कार्रवाई 'नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान' के तहत की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
सोपोर पुलिस को सूचना मिली थी कि एडी पोडा गांव में कुछ लोग खुलेआम अफीम की अवैध खेती कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और स्थिति का जायज़ा लिया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी फसल को चिन्हित कर नष्ट किया गया।
पुलिस ने कुछ अन्य फसल के नमूने भी एकत्रित किए हैं, ताकि उनके बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके और जाँच को आगे बढ़ाया जा सके।
संयुक्त टीम की भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस, आबकारी, कृषि, बागवानी और राजस्व विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। कार्रवाई प्रथम श्रेणी के कार्यकारी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में संबंधित लंबरदार के साथ मिलकर की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया विधिसम्मत रही। टीम ने पहले अफीम की फसल को चिन्हित किया और फिर उसे विधिवत नष्ट किया।
पुलिस की सख्त चेतावनी
सोपोर पुलिस ने अफीम की खेती करने वालों को स्पष्ट शब्दों में चेताया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर NDPS एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में कोई भी ढील स्वीकार्य नहीं होगी।
नशा मुक्त अभियान का हिस्सा
यह कार्रवाई सोपोर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान' की कड़ी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरे क्षेत्र को नशे की गिरफ्त से मुक्त करना है। पुलिस प्रशासन ने इस दिशा में एक सुनिश्चित रूपरेखा तैयार की है और उसी के अनुरूप लगातार कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में अफीम की अवैध खेती एक बड़ी चुनौती रही है और इस प्रकार की संयुक्त कार्रवाइयाँ इस समस्या से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाती हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दर्ज मामले में जाँच तेज़ कर दी है। एकत्रित नमूनों के परीक्षण के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोपोर पुलिस ने क्षेत्र के निवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध खेती या नशीले पदार्थों की गतिविधियों की जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।