क्या छठ के तुरंत बाद एक चरण में बिहार विधानसभा चुनाव कराना संभव है?: संजय झा

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क्या छठ के तुरंत बाद एक चरण में बिहार विधानसभा चुनाव कराना संभव है?: संजय झा

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जदयू ने चुनाव आयोग से एक चरण में चुनाव कराने की मांग की है। संजय झा के अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त है और छठ के बाद चुनाव कराने से खर्च और परेशानियों में कमी आएगी।

मुख्य बातें

जदयू ने चुनाव आयोग से एक चरण में चुनाव कराने की मांग की है।
बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति सही है।
छठ के बाद चुनाव कराने से बाहर रहने वाले लोग मतदान कर सकेंगे।
इससे खर्च और परेशानियों में कमी आएगी।
चुनाव आयोग की टीम पटना में बैठक कर रही है।

पटना, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की टीम और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में जदयू ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग रखी है।

जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि जदयू ने चुनाव आयोग से बिहार में एक चरण में चुनाव कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त है, नक्सलवाद की कोई समस्या नहीं है। जब महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव हो सकता है तो बिहार में क्यों नहीं?

उन्होंने कहा कि इससे खर्च भी कम होगा और परेशानी भी कम होगी। बिहार एक चरण में चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जदयू नेता संजय कुमार झा ने कहा कि एसआईआर के संदर्भ में भी हमारी पार्टी ने चुनाव आयोग को बेहतर काम करने के लिए बधाई दी। इस प्रक्रिया में फर्जी मतदाताओं को हटाया गया। इस मामले में बिहार पूरे देश को रोशनी दिखाएगा।

उन्होंने कहा कि हमने सभी मतदान केंद्रों में पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की मांग रखी है। इसके अलावा, हमारी पार्टी ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया कि महापर्व छठ में बहुत सारे बाहर रहने वाले लोग अपने गांव आते हैं। उनके लिए यह सुविधा होगी कि छठ के बाद जितना जल्दी चुनाव कराया जाए।

इधर, एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर कहा गया कि सीट बंटवारा सही वक्त पर हो जाएगा। जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि चुनाव आयोग से पार्टी ने मांग रखी है कि छठ में बाहर रहने वाले बहुत सारे लोग अपने गांव लौटते हैं, इसलिए छठ के बाद जितना जल्दी हो उतना अच्छा होगा। बाहर रहने वाले लोग भी मतदान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एसआईआर के संदर्भ में भी चुनाव आयोग को बधाई दी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ कल यानी 3 अक्टूबर की शाम पटना पहुंचे थे। चुनाव आयोग की टीम लगातार दो दिन यानी शनिवार और रविवार तक बैठक करेगी। माना जा रहा है कि इसके बाद कभी भी बिहार चुनाव की तिथियों की घोषणा की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर छठ जैसे महापर्व के बाद।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बिहार में एक चरण में चुनाव कराना संभव है?
हाँ, जदयू ने चुनाव आयोग से एक चरण में चुनाव कराने की मांग की है, जिसका समर्थन संजय झा कर रहे हैं।
छठ के बाद चुनाव कराने का क्या लाभ है?
छठ के बाद चुनाव कराने से बाहर रहने वाले लोग अपने गांव लौटकर मतदान कर सकेंगे, जिससे मतदान की संख्या बढ़ सकती है।
क्या बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति सही है?
संजय झा के अनुसार, बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त है और कोई नक्सलवाद की समस्या नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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