क्या मेरे हस्तक्षेप के कारण 23 जनवरी को होने वाली जेईई की परीक्षा टली?
सारांश
Key Takeaways
- जेईई मेन परीक्षा की तिथि में बदलाव छात्रों के हित में किया गया है।
- सरस्वती पूजा का महत्व छात्रों के लिए सर्वोच्च है।
- सीएम ममता बनर्जी का हस्तक्षेप निर्णय को सकारात्मक बनाता है।
कोलकाता, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पश्चिम बंगाल में जेईई मेन परीक्षा की तिथि को टाल दिया है। पहले यह परीक्षा 23 जनवरी को होने वाली थी, लेकिन इसी दिन सरस्वती पूजा के आयोजन के कारण परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग की गई थी। इस संदर्भ में सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उनके हस्तक्षेप के बाद सरकार और एनटीए ने यह निर्णय लिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि पहले भारत सरकार/राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा 23 जनवरी को निर्धारित की थी, जो नेताजी की जयंती और सरस्वती पूजा का दिन है, जिसे छात्र श्रद्धापूर्वक मनाते हैं। इससे हमारे छात्रों को परेशानी होती, ऐसे में मैंने विरोध करते हुए बदलाव की मांग की।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मेरे हस्तक्षेप के कारण भारत सरकार/राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने हमारे छात्रों के लिए परीक्षा की एक वैकल्पिक तिथि की व्यवस्था की है ताकि उन्हें उस दिन देवी सरस्वती की पूजा करने का अवसर मिल सके।
वहीं, एनटीए ने जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में 23 जनवरी को सरस्वती पूजा के आयोजन के संबंध में प्राप्त अभ्यावेदन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में 23 जनवरी 2026 को जेईई (मेन) परीक्षा में बैठने वाले सभी उम्मीदवारों को सत्र 1 परीक्षा की विज्ञापित तिथियों में से कोई अन्य परीक्षा तिथि आवंटित की जाएगी।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने भी पश्चिम बंगाल में 23 जनवरी को होने वाली जेईई (मेन) 2026 सेशन-1 परीक्षा को स्थगित करने की अपील की थी। इसे लेकर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी को पत्र लिखा।
डॉ. मजूमदार ने पत्र में कहा कि 23 जनवरी को सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती दोनों एक साथ मनाई जाती हैं। पश्चिम बंगाल में इन त्योहारों का बहुत धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है। इस दिन बड़े स्तर पर आयोजन होते हैं, जैसे सार्वजनिक सभाएं, स्कूल-कॉलेजों का बंद रहना और अन्य व्यवस्थाओं में बाधा। ऐसे में परीक्षा देने वाले छात्रों को काफी परेशानी हो सकती है।
उन्होंने अनुरोध किया कि इस तारीख पर निर्धारित जेईई (मेन) परीक्षा को पश्चिम बंगाल में स्थगित या पुनर्निर्धारित किया जाए ताकि परीक्षार्थियों को असुविधा न हो और परीक्षा का माहौल भी बेहतर हो।