11 अगस्त 2026
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क्या झारखंड में नगर निकाय चुनाव नहीं कराए जाने पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए?

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क्या झारखंड में नगर निकाय चुनाव नहीं कराए जाने पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए?

सारांश

झारखंड हाईकोर्ट ने नगर निगम और निकाय चुनावों में हो रहे विलंब पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने जल्द चुनाव कराने की अनुशंसा भेजने का आदेश दिया है, जिसे तीन हफ्तों में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। क्या इस बार चुनाव समय पर होंगे?

मुख्य बातें

झारखंड हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनावों में देरी पर नाराजगी जताई।
राज्य सरकार को तीन हफ्तों में आयोग को अनुशंसा भेजने का आदेश।
पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का निर्धारण चुनाव में विलंब का कारण।
अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।
राज्य में 48 शहरी निकाय हैं, जिनमें से कई के चुनाव लंबित हैं।

रांची, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में नगर निगम और नगर निकायों के चुनाव न कराने पर एक बार फिर से अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इस संबंध में दायर एक अवमानना याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वे तीन हफ्तों के भीतर राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने की अनुशंसा भेजें।

जस्टिस आनंदा सेन की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार और अपर सचिव ज्ञानेंद्र कुमार उपस्थित रहे।

महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि नगर निगमों और नगर निकायों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण प्रतिशत का निर्धारण न होने के कारण चुनाव में विलंब हो रहा है। आरक्षण के निर्धारण के लिए ट्रिपल टेस्ट सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसकी रिपोर्ट जल्द ही कैबिनेट को भेजी जाएगी। कैबिनेट से स्वीकृति के बाद राज्य सरकार चुनाव की अनुशंसा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगी।

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ओबीसी आरक्षण की ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया के नाम पर चुनाव को लंबे समय तक नहीं टाल सकती। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने चुनाव कराने के लिए तीन माह का समय मांगा, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया।

अदालत ने आयोग को अगली सुनवाई के दौरान यह बताने का निर्देश दिया कि वह कितनी शीघ्रता से चुनाव करा सकता है। सुनवाई की अगली तारीख 10 नवंबर तय की गई है। इस दौरान मुख्य सचिव, गृह सचिव और नगर विकास सचिव को भी उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है।

बता दें कि जस्टिस आनंदा सेन की बेंच ने रांची नगर निगम की निवर्तमान पार्षद रोशनी खलखो द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद 4 जनवरी 2024 को निर्देश दिया था कि राज्य के नगर निकाय चुनाव तीन सप्ताह के भीतर कराए जाएं। इस आदेश का आज तक पालन नहीं हुआ है, जिसके लिए खलखो ने अदालत में अवमानना याचिका दायर की है।

झारखंड में कुल 48 शहरी निकाय हैं। इनमें से 12 शहरी निकायों के चुनाव जून 2020 से लंबित हैं, जबकि अन्य नगर निकायों का कार्यकाल भी अप्रैल 2023 में समाप्त हो चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में नगर निकाय चुनाव कब होंगे?
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्तों में चुनाव कराने की अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया है, जिससे चुनाव जल्द संभव हो सकते हैं।
आयोग ने चुनाव कराने में देरी क्यों की?
नगर निगमों और निकायों में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण प्रतिशत तय न होने के कारण चुनाव में विलंब हुआ है।
क्या हाईकोर्ट के आदेश का पालन होगा?
हाईकोर्ट ने चुनाव कराने के लिए सख्त समय सीमा तय की है, जिससे यह उम्मीद की जा सकती है कि सरकार इस बार आदेश का पालन करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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