क्या झारखंड के पाकुड़ में स्कूल बस के हादसे से जनाक्रोश भड़का?
सारांश
Key Takeaways
- यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
- स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी को समझना होगा।
- दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करना चाहिए।
- स्थानीय लोगों का धैर्य और संवेदनशीलता महत्वपूर्ण है।
- आवश्यकता है कि प्रशासन जनता की आवाज सुने।
पाकुड़, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पाकुड़ जिला मुख्यालय में मंगलवार को एक स्कूल बस द्वारा कुचले जाने से एक युवक की मौत के बाद जनता का गुस्सा फूट पड़ा। इस हादसे के बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और शहर के विभिन्न हिस्सों में जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई बाजार भी बंद कर दिए गए।
यह घटना शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्र गांधी चौक के पास सुबह लगभग 9 बजे हुई, जब एक स्कूल बस ने स्कूटी सवार युवक को अपनी चपेट में ले लिया। युवक को गंभीर चोटें आईं और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान तलवाडांगा गांव के निवासी मृदुल साहा (लगभग 18 वर्ष) के रूप में की गई है। उनके परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य मृदुल ही था, जो जियो मार्ट में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था।
मृतक के शव को देखकर परिवार वाले रो पड़े। उन्होंने बताया कि मृदुल की आमदनी से ही परिवार का भरण-पोषण होता था। जैसे ही हादसे की खबर फैली, स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। गुस्साए लोगों ने गांधी चौक के पास शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांधी चौक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित है। नो-एंट्री के बावजूद भारी वाहन और बसें धड़ल्ले से इस इलाके में प्रवेश कर रही हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं।
आक्रोशित लोगों ने बैरिकेड लगाकर कई प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया, जिससे शहर में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी नगर थाना के सामने पहुंच गए। वहां टायर जलाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई और स्कूल बस को जब्त करने, चालक की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम चार बजे लोग जाम हटाने पर सहमत हुए।