क्या सांसद कमलजीत सेहरावत ने 'संचार साथी' ऐप को लेकर सरकार के निर्णय की तारीफ की?
सारांश
Key Takeaways
- 'संचार साथी' ऐप से साइबर सुरक्षा में वृद्धि होगी।
- विपक्ष का प्रदर्शन संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहा है।
- भारत में डिजिटलाइजेशन तेजी से बढ़ रहा है।
- कमलजीत सेहरावत का मानना है कि जागरूकता अभियान जरूरी हैं।
- सरकार के निर्णयों की सराहना की जानी चाहिए।
नई दिल्ली, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा की सांसद कमलजीत सेहरावत ने 'संचार साथी' ऐप और एसआईआर के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संसद को काम न करने देना विपक्ष की एक कायरता को दर्शाता है।
कमलजीत सेहरावत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि भारत एक विशाल देश है और हमें गर्व है कि हमने डिजिटलाइजेशन को तेजी से अपनाया है। डिजिटलाइजेशन ने हमें कई लाभ दिए हैं, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड में काफी वृद्धि हुई है। उदाहरण के लिए, डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में शिक्षित लोग भी धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं।
कमलजीत सेहरावत ने 'संचार साथी' ऐप के संबंध में केंद्र सरकार के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कदम से किसी भी प्रकार के फ्रॉड, आतंकवादी गतिविधियों या धमकी भरे फोन की पहचान करना आसान होगा।
उन्होंने कहा कि भारत में नागरिकों को लगातार जागरूक करने के अभियान चलाए जा रहे हैं। कमलजीत सेहरावत ने कहा कि अपराधियों को किसी भी प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, इसके लिए 'संचार साथी' ऐप महत्वपूर्ण है। इसके लिए सरकार का धन्यवाद देना चाहिए।
विपक्ष के विरोध पर कमलजीत सेहरावत ने कहा कि पिछले सत्र में भी विपक्ष ने हंगामा किया और सदन को नहीं चलने दिया। उन्होंने बिहार के नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हुए और मतदाताओं ने लोकतंत्र की प्रक्रिया में भाग लिया। किसी ने भी वोट कटने या न मिलने की शिकायत नहीं की।
कमलजीत सेहरावत ने एसआईआर को एक व्यवस्थित प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए चुनाव आयोग मतदाता सूची को दुरुस्त कर रहा है।
संसद में हंगामे पर उन्होंने कहा कि एसआईआर का बहाना बनाकर संसद को न चलने देना विपक्ष की कायरता को दर्शाता है, क्योंकि उनके पास न तो कुछ कहने का है और न कोई तथ्य है।