क्या कानपुर और कासगंज में पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार हुए?
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस ने मुठभेड़ों में सफलतापूर्वक दो अपराधियों को गिरफ्तार किया।
- बदमाशों ने पुलिस पर गोली चलाई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
- कानपुर और कासगंज में पुलिस की कार्रवाई ने स्थानीय सुरक्षा को बढ़ाया।
- गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं।
- पुलिस ने विभिन्न सामग्रियों के साथ बदमाशों को गिरफ्तार किया।
कानपुर/कासगंज, 28 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के कानपुर और कासगंज में पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में लूट और चोरी की वारदातों में शामिल दो अपराधियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
कानपुर में 14 दिसंबर 2025 को एक ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी से संबंधित मुख्य अभियुक्त कल्लू उर्फ विशाल को अंततः पकड़ लिया गया। इस चोरी कांड में शामिल चार अभियुक्तों में से तीन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि कल्लू लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
15 जनवरी को थाना गुजैनी की पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन यह शातिर अपराधी शौचालय जाने के बहाने ड्यूटी पर तैनात संतरी को धक्का देकर भाग निकला था। उसके बाद से पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी।
बुधवार को पुलिस को पता चला कि अभियुक्त बनपुरवा क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को दूर से आते हुए देखा गया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें उसे पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा।
उसने पूछताछ में अपना नाम कल्लू उर्फ विशाल पुत्र रामप्रसाद बताया। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही लूट और चोरी के कुल पांच मामले दर्ज हैं। वह क्षेत्र में लगातार वारदातें कर रहा था। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने बताया कि अभियुक्त को इलाज के बाद जेल भेजा जाएगा।
दूसरी ओर, कासगंज जनपद में भी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की। ढोलना थाना क्षेत्र के गांव नगला मनी में हुई लूट की घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर चार टीमों का गठन किया गया था।
रात में भगवंत पुल पर संदिग्ध वाहन और व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान गढ़ी पचगाई की ओर से एक मोटरसाइकिल सवार आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने लगा। जल्दबाजी में उसकी बाइक फिसल गई। पुलिस ने उसका पीछा किया तो उसने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लगी। उसकी पहचान योगेन्द्र पुत्र अतर सिंह, निवासी ग्राम किनावा, थाना ढोलना, जनपद कासगंज के रूप में हुई। पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों के साथ नगला मनी में हुई लूट की घटना में शामिल होने की बात कबूल की।
पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और 35 हजार रुपए बरामद किए हैं। घायल को जिला अस्पताल कासगंज भेजा गया है।