कर्नाटक उपचुनाव: गृह मंत्री जी परमेश्वर ने जताया कांग्रेस की जीत का विश्वास
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक के उपचुनावों में कांग्रेस की जीत की संभावना।
- मतदाता भागीदारी 68%25 से अधिक।
- 'जॉम्बी ड्रग्स' की अफवाहें बेबुनियाद।
- एलपीजी सिलेंडर की कमी पर सरकार का ध्यान।
- मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का निर्णय महत्वपूर्ण।
बेंगलुरु, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने शुक्रवार को यह विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस पार्टी राज्य की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में विजय प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए जी परमेश्वर ने कहा कि दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट में कम मतदान की खबरों के बावजूद पार्टी को दोनों सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है। उन्होंने आगे बताया कि आम चुनावों और उपचुनावों में मतदान का पैटर्न भिन्न होता है और नतीजे कांग्रेस के पक्ष में होंगे।
कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए मतदान गुरुवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण के मतदान केंद्रों पर 68 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई।
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बागलकोट में 68.65 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि दावणगेरे दक्षिण में 68.43 प्रतिशत वोट डाले गए।
दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा को मैदान में उतारा है। अफसर कोडापे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। बागलकोट में उमेश मेती कांग्रेस की ओर से भाजपा के वीरन्ना चारंतिमठ के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।
जी परमेश्वर ने कहा कि आंतरिक आरक्षण के मुद्दे पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ही लेंगे। इस विषय पर नियमित कैबिनेट बैठक या विशेष कैबिनेट सत्र में चर्चा की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय से पहले मुख्यमंत्री से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाएगा कि किसी भी समुदाय के साथ अन्याय न हो।
'जॉम्बी ड्रग्स' के बारे में चल रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने इन्हें बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस व्यक्ति की चर्चा हो रही है, वह एक लॉरी ड्राइवर है जो काम की खोज में उत्तरी राज्यों से आया था। बताया गया है कि उस व्यक्ति ने किसी बीमारी की दवा के साथ शराब का सेवन किया, जिससे उसका व्यवहार असामान्य हो गया।
परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि इस घटना से संबंधित कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर ने उन्हें इस मामले की जानकारी दी और यह पुष्टि की कि 'जॉम्बी ड्रग्स' के उपयोग का कोई सबूत नहीं मिला है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिस व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर ये दावे फैलाए थे, उससे पूछताछ की गई है और उसने जानबूझकर यह जानकारी पोस्ट करने की बात स्वीकार की है।
एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी के मामले में राज्य के गृह मंत्री ने कहा कि संबंधित विभाग इस समस्या को सुलझाने में जुटा हुआ है और राज्य सरकार ने आपूर्ति के आवंटन को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि स्थिति जल्द ही सुधरेगी। संभावित युद्धविराम और खाड़ी क्षेत्र से जहाजों की आवाजाही जैसी घटनाएँ भारत में आपूर्ति बहाल करने और कमी को दूर करने में मदद कर सकती हैं।