17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या कर्नाटक में कांग्रेस प्रशासन में अधिकारियों को सुरक्षा नहीं मिलती?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कर्नाटक में कांग्रेस प्रशासन में अधिकारियों को सुरक्षा नहीं मिलती?

सारांश

कर्नाटक की राजनीति में उथल-पुथल के बीच, भाजपा ने मुख्य सचिव से सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। आर. अशोक ने कांग्रेस प्रशासन के तहत अधिकारियों को मिल रही सुरक्षा की कमी पर चिंता जताई है। क्या यह स्थिति बदलने वाली है? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

कर्नाटक में अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा ने मुख्य सचिव से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस शासन के दौरान कई अधिकारियों ने आत्महत्या की है।
कानून व्यवस्था के अभाव में विकास प्रभावित हो रहा है।
राजनीतिक नेताओं का अधिकारियों पर दबाव बढ़ रहा है।

बेंगलुरु, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्य सचिव से सरकारी अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को कर्नाटक की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को इस मुद्दे पर एक ज्ञापन सौंपा। अशोक ने इस मामले पर चर्चा के लिए उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया था।

अशोक ने कहा कि कांग्रेस प्रशासन में अधिकारियों को कोई सुरक्षा नहीं मिलती। हमने मुख्य सचिव से अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा द्वारा सिदलाघट्टा नगर आयुक्त अमृता गौड़ा के साथ अपशब्दों का प्रयोग करने के बावजूद मंत्री केएच मुनियप्पा ने इसे उचित ठहराया।

अशोक ने आरोप लगाया कि मुनियप्पा ने कहा कि राजीव गौड़ा एक अच्छे व्यक्ति हैं और यह महिला अधिकारी की गलती थी। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में कई अधिकारियों ने आत्महत्या कर ली है।

अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के गुंडों ने सरकारी दफ्तरों को पार्टी दफ्तर बना लिया है। इसलिए मैंने सरकार की मुख्य सचिव को कार्यालय में बुलाया, उनसे इस बारे में बात की और उन्हें अपना विरोध जताया। मैंने उनसे कहा कि अधिकारियों की सुरक्षा करना आपका कर्तव्य है। पुलिस ने इस तरह की बातें करने वालों को भागने का मौका दिया है। पुलिस भी इस मामले में शामिल है।

उन्होंने कहा कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो अधिकारियों को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी। हमने मुख्य सचिव को दोषियों को सजा दिलाने के लिए कार्रवाई करने को कहा है।

अशोक ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को या तो विरोध प्रदर्शन करना होगा या आत्महत्या करनी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि अगर कोई अधिकारी पर हमला करता है तो उसे मीडिया के पास नहीं जाना चाहिए। अशोक ने नगर आयुक्त अमृता गौड़ा का बचाव करते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी मीडिया के पास जाता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। अमृता गौड़ा ने कांग्रेस नेता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए मीडिया से बात की थी।

उन्होंने कहा कि मैं शनिवार (17 जनवरी) को बल्लारी जाकर विरोध प्रदर्शन करूंगा। कानून व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि विधायकों के घरों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। गृह विभाग के पास धन नहीं है, और सुरक्षा प्रदान करना संभव नहीं है। यही कारण है कि कानून व्यवस्था प्रभावित हुई है। यदि कानून व्यवस्था ठीक हो जाए, तो नए उद्योग आएंगे। लेकिन कानून व्यवस्था के अभाव में विकास संभव नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक खेल का हिस्सा बन गए हैं। यह न केवल प्रशासन की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में कानून व्यवस्था की स्थिति भी दर्शाता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर. अशोक ने मुख्य सचिव से क्या अपील की?
आर. अशोक ने मुख्य सचिव से सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
क्या कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया है?
हाँ, आर. अशोक ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा ने नगर आयुक्त अमृता गौड़ा के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले