क्या काशी तमिल संगमम् 4.0 के लिए छात्रों का पहला दल कन्याकुमारी से वाराणसी रवाना हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- काशी तमिल संगमम् 4.0 का आयोजन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक यात्रा है।
- यह यात्रा उत्तर और दक्षिण भारत के प्राचीन संबंधों को फिर से जीवित करती है।
- छात्र गंगा घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।
- इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
- संस्कृति और शिक्षा मंत्रालयों का सहयोग महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। काशी तमिल संगमम् (केटीएस) 4.0 के लिए छात्रों का पहला दल शनिवार को कन्याकुमारी से वाराणसी की ओर प्रस्थान कर गया। इस दल में कन्याकुमारी के 43, तिरुचिरापल्ली (टीपीजे) से 86 और चेन्नई एग्मोर (एमएस) से 87 छात्र शामिल हैं, जो केटीएस 4.0 यात्रा की बहुत ही सकारात्मक और उत्साहजनक शुरुआत को दर्शाता है।
इस दल में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र शामिल हैं, जो वाराणसी में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक, शैक्षिक और अनुभवात्मक गतिविधियों में भाग लेकर दोनों क्षेत्रों के प्राचीन सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों को फिर से सशक्त करेंगे। यह शुरुआत केटीएस 4.0 कार्यक्रम की व्यापक रूपरेखा का हिस्सा है, जिसमें तमिलनाडु से लगभग 1400 प्रतिनिधियों को उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के भ्रमण के लिए आमंत्रित किया गया है।
इस बार शिक्षा मंत्रालय 2 दिसंबर, 2025 से काशी तमिल संगमम् (केटीएस) 4.0 के चौथे संस्करण का आयोजन कर रहा है।
वाराणसी प्रवास के दौरान छात्र गंगा घाटों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक धरोहर, जीवन शैली और आध्यात्मिक विरासत का निकट से अनुभव करेंगे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सेमिनार, संवाद सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, साहित्यिक विमर्श, स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प से परिचय जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। छात्रों को काशी के महत्वपूर्ण तमिल धरोहर स्थलों का भी भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें महाकवि सुब्रह्मण्य भारती का पैतृक निवास, काशी मदम, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर शामिल हैं।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप तमिलनाडु और उत्तर भारत के बीच गहरे सभ्यतागत, सांस्कृतिक, भाषाई और जन-जन के संबंधों को सम्मान और नई ऊर्जा प्रदान करती है।
केटीएस 4.0 को शिक्षा मंत्रालय के तहत आईआईटी मद्रास और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के समन्वय से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें संस्कृति, सूचना एवं प्रसारण, पर्यटन, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई, कौशल विकास जैसे विभिन्न मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार भी सहयोग कर रहे हैं। यह विद्यार्थी आदान-प्रदान कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और सहभागिता की भावना को मजबूत करता है, जिससे ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को व्यवहारिक रूप मिलता है।