केजरीवाल और सिसोदिया की बरी होने पर विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ; भाजपा पर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- केजरीवाल और सिसोदिया को कोर्ट ने बरी किया।
- विपक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाए हैं।
- महबूबा मुफ्ती ने जांच एजेंसियों के मनमाने व्यवहार की批判 की।
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भाजपा को चेतावनी दी।
- राजनीतिक मामलों में संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के चर्चित कथित शराब घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेता मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
कोर्ट के निर्णय का विपक्षी नेताओं ने स्वागत किया है और इसको लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने दिल्लीवासियों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आरोप कभी भी इतने बड़े नहीं हो सकते कि वे सच को छिपा सकें। आज हर ईमानदार व्यक्ति राहत की सांस लेगा, जबकि भाजपा के समर्थक शर्म महसूस कर रहे होंगे। भाजपा ने दिल्ली के निवासियों के साथ विश्वासघात किया है।
पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस मामले में अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के फैसले ने जांच एजेंसियों के मनमाने व्यवहार को उजागर किया है। जब जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक हथियार के रूप में किया जाता है, तो न्याय को सबसे पहले नुकसान होता है।
इसके अलावा, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को अल्पकालिक राजनीति के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या यह महज संयोग है कि चुनावों के कारण कुछ नेताओं को क्लीन चिट मिल गई? वहीं, टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने भाजपा पर विपक्षी नेताओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनावी लाभ के लिए विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। अदालत ने अधिकांश आरोपियों को जमानत दे दी है।