क्या केंद्रीय मंत्रियों ने 77वें गणतंत्र दिवस पर सशक्त और समावेशी विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया?

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क्या केंद्रीय मंत्रियों ने 77वें गणतंत्र दिवस पर सशक्त और समावेशी विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया?

सारांश

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर, केंद्रीय मंत्रियों ने 2047 तक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया। इस विशेष अवसर पर, विभिन्न मंत्रियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने की अपील की। जानिए इस महत्वपूर्ण दिन पर उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

77वें गणतंत्र दिवस पर केंद्रीय मंत्रियों ने 2047 के लिए संकल्प लिया।
लोकतंत्र और संविधान की मजबूती का संदेश।
सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर, सोमवार को, कई केंद्रीय मंत्रियों ने 2047 तक एक मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण का दृढ़ संकल्प लिया।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, "यह गौरवमयी दिन हमें हमारे संविधान की मजबूती, लोकतंत्र की भावना और राष्ट्रीय एकता की याद दिलाता है। आइए इस पावन अवसर पर हम सभी संवैधानिक मूल्यों को अपनाने और एक मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत बनाने का संकल्प लें।"

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी 77वें गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "आइए हम सब लोकतंत्र, एकता और संवैधानिक कर्तव्य के मूल्यों को हमेशा बनाए रखें।"

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आज जब कर्तव्य पथ हमारी समृद्ध संस्कृति और सभ्यतागत मूल्यों के रंग से जीवंत हो उठा है, और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का प्रतीक है, तब हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़, निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व में अपने अभूतपूर्व विकास यात्रा और विरासत का गर्व के साथ उत्सव मना रहे हैं।

उन्होंने एक्स पर यह भी लिखा कि हम सभी मिलकर देश की मजबूत रक्षा तैयारियों, विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नए नवाचार और विकसित भारत बनने की परिवर्तनकारी यात्रा के साक्षी बन रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस पवित्र अवसर पर "हम सभी को अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में योगदान देने की शपथ लेनी चाहिए।"

केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इस गणतंत्र दिवस पर "मुझे अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, एक ऐसा क्षण जो हमेशा दिल को गर्व और जिम्मेदारी से भर देता है।"

उन्होंने एक्स पर लिखा, "तिरंगा फहराते ही, हमारे संविधान और लोकतंत्र, एकता और सेवा के उन शाश्वत मूल्यों में मेरा विश्वास और मजबूत हो गया, जो हमारे महान राष्ट्र की पहचान हैं। भारत की असली ताकत इन आदर्शों को अपने रोजमर्रा के कामों में अपनाने और निस्वार्थ भाव से देशवासियों की सेवा करने में है। यह गणतंत्र दिवस हम सभी को एक मजबूत, समावेशी और प्रगतिशील भारत बनाने की प्रेरणा दे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हमें एकजुट होकर एक मजबूत और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। यह समय है कि हम सभी अपने कर्तव्यों को निभाएं और देश को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने में योगदान दें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

77वें गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है?
77वें गणतंत्र दिवस का महत्व हमारे संविधान की स्थापना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्रियों ने क्या संकल्प लिया?
केंद्रीय मंत्रियों ने 2047 तक एक मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री मोदी का योगदान क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी का योगदान देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्होंने विकास और समृद्धि की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस