क्या बजट 2026 से पहले वित्त मंत्रालय ने उपलब्धियों की गिनती की?

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क्या बजट 2026 से पहले वित्त मंत्रालय ने उपलब्धियों की गिनती की?

सारांश

केंद्र सरकार बजट 2026-27 के लिए तैयारियों में जुटी है। वित्त मंत्रालय ने पिछले बजट में किए गए सुधारों और घोषणाओं पर प्रगति की जानकारी दी है। जानें इस बजट में क्या बदलाव होंगे और यह आम नागरिकों के लिए कैसे फायदेमंद रहेगा।

मुख्य बातें

बजट 2026-27 की तैयारी चल रही है।
फाइनेंस एक्ट 2025 में नए टैक्स सुधार।
व्यक्तिगत आयकर में बड़ी राहत।
निवेशकों के लिए विश्वास बढ़ाने वाले कदम।
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश की नई सुविधाएं।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने की योजना बना रही है। इसी बीच, वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को पिछले बजट में किए गए महत्वपूर्ण घोषणाओं और उन पर प्रगति की जानकारी साझा की।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि फाइनेंस एक्ट 2025 के अंतर्गत नए टैक्स सिस्टम यानी न्यू टैक्स रिजीम (एनटीआर) में व्यक्तिगत आयकर ढांचे में बड़े परिवर्तन किए गए हैं, ताकि टैक्स देने के बाद लोगों के हाथ में अधिक धन बच सके।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि ये परिवर्तन वित्त वर्ष 2025-26 से लागू हो चुके हैं, यानी आकलन वर्ष 2026-27 से इनका प्रभाव देखने को मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, इनकम टैक्स बिल 2025 को भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इस बिल के जरिए भारत के छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर कानून को बदलने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि नए कानून से निवेशकों का विश्वास बना रहे, टैक्सपेयर्स को राहत मिले और टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जा सके।

टैक्स नीति में किए गए सुधारों में कॉरपोरेट टैक्स और व्यक्तिगत टैक्स दोनों शामिल हैं। जिन कंपनियों को निर्धारित छूट और कटौतियों का लाभ नहीं मिलता है, उनके लिए टैक्स दर 22 प्रतिशत रखी गई है। वहीं, नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक निश्चित समय के लिए टैक्स दर 15 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

व्यक्तिगत आयकर के मामले में, नए टैक्स सिस्टम में आसान स्लैब और कम टैक्स दरें प्रदान की गई हैं, साथ ही छूट भी बढ़ाई गई है, जिसके तहत 12 लाख रुपए तक की आय वाले लोगों को टैक्स नहीं देना होगा। सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपए तक हो जाती है, क्योंकि उन्हें 75,000 रुपए की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलती है।

फाइनेंस एक्ट 2025 के अंतर्गत धारा 10 (23एफई) के फायदे भी बढ़ाए गए हैं। इसके अनुसार, योग्य सॉवरेन वेल्थ फंड (एसडब्ल्यूएफ) और पेंशन फंड अब 31 मार्च 2030 तक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं और उन्हें डिविडेंड, ब्याज और लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) पर टैक्स से छूट मिलती रहेगी।

वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) से जुड़े अतिरिक्त कामकाज और तारीख बढ़ाने से संबंधित नियमों को फाइनेंस एक्ट 2025 के जरिए पूरी तरह लागू कर दिया गया है। ये बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (एआईएफ) के लिए 'कराधान की निश्चितता' का वादा पूरा किया है। अब प्रतिभूतियों से होने वाली आय को लेकर टैक्स नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं, जिससे निवेशकों को विश्वास मिलेगा।

इसके साथ ही, आईएफएससी से जुड़े अतिरिक्त नियमों और समय-सीमा में बढ़ोतरी को भी फाइनेंस एक्ट 2025 के अंतर्गत पूरी तरह लागू कर दिया गया है और ये नियम 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकार का ध्यान टैक्स प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने पर है। इससे न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी। इस बजट में किए गए सुधार देश की आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बजट 2026 में कौन से प्रमुख बदलाव होंगे?
बजट 2026 में नए टैक्स सिस्टम, व्यक्तिगत आयकर में सुधार और कॉरपोरेट टैक्स में कटौती जैसे प्रमुख बदलाव होंगे।
क्या नए टैक्स सिस्टम से आम नागरिक को फायदा होगा?
हां, नए टैक्स सिस्टम से आम नागरिक के हाथ में अधिक पैसा बच सकता है और टैक्स की दरें कम होंगी।
फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत क्या नई सुविधाएं हैं?
फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करने की सुविधा मिलेगी।
क्या टैक्स नीति में सुधार से निवेश बढ़ेगा?
जी हां, टैक्स नीति में सुधार से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, जिससे निवेश में बढ़ोतरी की संभावना है।
कब से नए नियम प्रभावी होंगे?
नए नियम 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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