क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आई-पैक से जुड़ी घटनाओं पर ईडी से रिपोर्ट मांगी?
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ईडी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
- ममता बनर्जी ने घटनास्थल का दौरा किया।
- ईडी की छापेमारी राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकती है।
- सीआरपीएफ ने ईडी अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की।
- टीएमसी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया।
कोलकाता, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से पश्चिम बंगाल में 8 जनवरी को घटी घटनाओं की एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। ये घटनाएं केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों द्वारा कोलकाता कार्यालय और आई-पैक के को-फाउंडर प्रतीक जैन के निवास पर एक साथ की गई रेड और सर्च ऑपरेशन से संबंधित हैं।
गुरुवार को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके सॉल्ट लेक में आई-पैक कार्यालय और सेंट्रल कोलकाता में लाउडन स्ट्रीट पर प्रतीक जैन के घर पर एक साथ रेड और तलाशी अभियान चल रहा था। इस दौरान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं। उन्होंने पहले जैन के निवास का दौरा किया और फिर राज्य के प्रमुख प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ आई-पैक कार्यालय गईं।
रिपोर्टों के अनुसार, ममता बनर्जी कुछ फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ लेकर वहां से निकलीं। इसके बाद, अमित शाह के नेतृत्व वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में ईडी से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
जानकारी के अनुसार, ईडी ने पहले ही इस मामले में अपने मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंप दी थी और अब यह एजेंसी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी एक अलग रिपोर्ट पेश करेगी।
इसी तरह, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने इन दोनों स्थानों पर छापे और तलाशी अभियान के दौरान ईडी अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की थी। उन्होंने भी इस मामले में गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
सूत्रों ने बताया है, "यह रिपोर्ट ईडी के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा तैयार की जाएगी और पहले एजेंसी के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजी जाएगी। वहां से इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।"
कोलकाता में आई-पैक पर ईडी के छापों के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। हालांकि, बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर दिल्ली पुलिस ने डेरेक ओ' ब्रायन, कीर्ति आजाद और महुआ मोइत्रा समेत 8 सांसदों को हिरासत में ले लिया।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाए कि जिस कोयला घोटाले का मुद्दा उठाया जा रहा है, उसके टेंडर खुद भाजपा ने निकाले और मैनेज करके अपने ही नेताओं को काम दिया। उन्हीं लोगों के जरिए लूट मचाई गई। भाजपा "उल्टा चोर कोतवाल के डांटे" जैसा व्यवहार कर रही है।