केरल चुनाव: बेपोर में सियासी घमासान, रियास ने अनवर के खिलाफ चुनाव आयोग में दी शिकायत

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केरल चुनाव: बेपोर में सियासी घमासान, रियास ने अनवर के खिलाफ चुनाव आयोग में दी शिकायत

सारांश

केरल विधानसभा चुनाव में बेपोर सीट पर सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है। पीए मोहम्मद रियास ने यूडीएफ के पीवी अनवर के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई, आरोप है कि अनवर ने व्यक्तिगत हमले किए हैं।

Key Takeaways

  • बेपोर सीट पर सियासी संघर्ष बढ़ता जा रहा है।
  • पीए मोहम्मद रियास ने यूडीएफ के पीवी अनवर के खिलाफ शिकायत की है।
  • शिकायत में व्यक्तिगत हमले और आचार संहिता के उल्लंघन का उल्लेख है।
  • चुनाव 9 अप्रैल को होंगे और परिणाम 4 मई को आएंगे।
  • बेपोर क्षेत्र की अपनी एक अलग पहचान है।

कोझिकोड, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनाव से पहले बेपोर सीट पर सियासी संघर्ष रुचिकर और तीव्र होता जा रहा है। सीपीआई(एम) के उम्मीदवार और राज्य के पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने यूडीएफ के उम्मीदवार पीवी अनवर के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करने का निर्णय लिया है।

रियास का कहना है कि अनवर उनके खिलाफ व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

शिकायत में उल्लेखित है कि अनवर बार-बार 'वंशवाद' और 'पिनारायिज्म' जैसे शब्दों का उपयोग कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर रियास और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के परिवार को लक्ष्य बना रहे हैं। रियास का मानना है कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है।

वहीं, अनवर ने अपने चुनावी अभियान को 'पिनारायिज्म' और 'नेपोटिज्म' के खिलाफ लड़ाई के रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे बेपोर जैसी पारंपरिक रूप से वामपंथी सीट पर सियासी माहौल और गरम हो गया है।

बेपोर, जो केरल के ऐतिहासिक समुद्री तट पर स्थित है, अपनी अलग पहचान रखता है। यह क्षेत्र अपने पुराने जहाज निर्माण उद्योग और 'कलासी' मजदूरों के लिए जाना जाता है, जो बड़े जहाजों को खींचने में माहिर हैं। यहाँ की एकजुटता और अनुशासन लंबे समय से वामपंथी राजनीति की मजबूत नींव मानी जाती रही है।

हालांकि, अब यह संतुलन टूटता हुआ नजर आ रहा है। रियास का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय रहा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दामाद बनने के बाद उन्होंने बेपोर से चुनावी शुरुआत की और जल्दी ही कैबिनेट में शामिल होकर लोक निर्माण और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। बाद में उन्हें पार्टी के राज्य सचिवालय में भी जगह मिली।

दूसरी ओर, अनवर, जो पहले वाम समर्थित निर्दलीय विधायक रह चुके हैं, मुख्यमंत्री के साथ मतभेद के चलते अलग हो गए और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। कुछ समय स्वतंत्र रहने और उपचुनाव में हार के बाद अब वे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ में लौट आए हैं और स्वयं को सीधा चुनौती देने वाले नेता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

केरल में 9 अप्रैल को 140 सीटों पर मतदान होगा जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

Point of View

बल्कि यह राज्य की समग्र राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

बेपोर सीट पर सियासी संघर्ष का कारण क्या है?
बेपोर सीट पर सियासी संघर्ष का मुख्य कारण पीवी अनवर द्वारा किए गए व्यक्तिगत हमले और वंशवाद तथा पिनारायिज्म जैसे शब्दों का बार-बार उपयोग करना है।
चुनाव आयोग में शिकायत करने का निर्णय किसने लिया?
सीपीआई(एम) के उम्मीदवार और राज्य के पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने चुनाव आयोग में शिकायत करने का निर्णय लिया।
केरल विधानसभा चुनाव कब होंगे?
केरल में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होंगे।
चुनाव परिणाम कब घोषित होंगे?
चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
बेपोर क्षेत्र की विशेषताएँ क्या हैं?
बेपोर क्षेत्र अपने पुराने जहाज निर्माण उद्योग और कलासी मजदूरों के लिए जाना जाता है।
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