क्या योगी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से 'समृद्ध' कर उत्तर प्रदेश को सशक्त बना रही है?
सारांश
Key Takeaways
- 48 घंटे में किसानों को भुगतान किया जा रहा है।
- योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों से किसानों को मिल रहा है लाभकारी मूल्य।
- बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपए प्रति कुंतल।
- धान की खरीद 2369 और 2389 रुपए प्रति कुंतल के एमएसपी पर।
- 1.40 लाख किसानों ने धान बिक्री की।
लखनऊ, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से ‘समृद्ध’ कर उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाने में जुटी है। सीएम योगी के निर्देशों के अनुसार, 48 घंटे के भीतर धान और बाजरा के किसानों को भुगतान किया जा रहा है। पहली अक्टूबर से धान खरीद की प्रक्रिया आरंभ हुई थी, और 28 नवंबर तक धान किसानों को 1868.35 करोड़ और बाजरा किसानों को 263.03 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
इसी कारण से, योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते किसान अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए राजकीय क्रय केंद्रों पर फसल की बिक्री कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर 17 फीसदी नमी तक का धान खरीदा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समय-समय पर धान खरीदारी की समीक्षा की जा रही है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए खाद्य व रसद विभाग लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है। पहली अक्टूबर से 28 नवंबर के बीच 1.40 लाख से अधिक किसानों ने धान बिक्री की, जिसके एवज में उन्हें 1868.35 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। बचे किसानों के लिए भी सरकार द्वारा तत्परता से भुगतान की प्रक्रिया आरंभ की गई है।
उत्तर प्रदेश में श्री अन्न की खरीद भी पहली अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है। श्री अन्न के अंतर्गत बाजरा किसान भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल के साथ जा रहे हैं। 28 नवंबर तक लगभग 22000 किसानों को 263.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। शेष बचे किसानों के लिए भी तत्काल भुगतान की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। 64 हजार से अधिक किसानों ने बाजरा की बिक्री के लिए पंजीकरण करवा लिया है।
बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपए प्रति कुंतल तय किया गया है। बाजरा की खरीद केवल 33 जनपदों में हो रही है, जिसके लिए 281 क्रय केंद्रों की स्थापना की गई है। धान की खरीद (कॉमन) 2369 रुपए और (ग्रेड-ए) 2389 रुपए प्रति कुंतल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हो रही है।
सीएम योगी ने हाल ही में बैठक में निर्देश दिया था कि अधिक से अधिक किसानों से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद कराई जाए। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना था। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रणाली को लेकर योगी सरकार की मंशा धरातल पर मजबूती से दिखाई दे रही है। ई-पॉप मशीनों से बायोमीट्रिक सत्यापन, पंजीकृत किसानों से खरीद, बिचौलियों की समाप्त होती भूमिका और 48 घंटे में भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। रिकॉर्ड स्तर की धान खरीद, राइस मिलों को मिली राहत और किसानों के लिए की गई सुविधाओं ने उनकी आमदनी, भरोसे और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है।