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क्या जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के खिलाफ अभियान सफल होगा?

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क्या जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के खिलाफ अभियान सफल होगा?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों का आतंकवादियों के खिलाफ अभियान जारी है। क्या यह अभियान आतंकवाद के नेटवर्क को खत्म करने में सफल होगा? जानिए इस विशेष रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

कुलगाम में आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी है।
एक आतंकवादी मारा गया है जबकि चार जवान घायल हुए हैं।
सुरक्षा बलों ने रुद्र हेलीकॉप्टर और ड्रोन का उपयोग किया है।
मिशन का नाम ' ऑपरेशन महादेव ' है।
आतंकवाद के नेटवर्क को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रीनगर, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान सोमवार को चौथे दिन भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि अखल जंगल इलाके में रातभर रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।

सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित संयुक्त बलों ने सीएएसओ (घेराबंदी और तलाशी अभियान) के तहत का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारी हालात पर करीब से नजर बनाए हुए हैं।

इस अभियान में अब तक एक आतंकवादी मार दिया गया है और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ है। इसके अलावा, चार जवानों को भी चोटें आई हैं।

सेना ने यह सुनिश्चित करने के लिए रुद्र हेलीकॉप्टर, ड्रोन और पैरा कमांडो तैनात किए हैं कि छिपे हुए आतंकवादी भागने में सफल न हो सकें।

इससे पहले, सुरक्षाबलों ने तीन खूंखार पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है। ये आतंकी 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के लिए जिम्मेदार थे, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी।

मारे गए आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सुलेमान शाह और उसके दो साथी अबू हमजा और जिब्रान भाई शामिल हैं। इन तीनों को 28 जुलाई को श्रीनगर के हरवान इलाके में महादेव पर्वत के पास डाचीगाम नेशनल पार्क के ऊपरी इलाकों में सुरक्षाबलों ने मार गिराया

सेना ने इस अभियान को 'ऑपरेशन महादेव' नाम दिया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, सुरक्षा बल बंदूकधारी आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और समर्थकों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं।

ड्रग तस्कर और ड्रग विक्रेता भी सुरक्षा बलों के रडार पर हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि हवाला मनी रैकेट और ड्रग तस्करी से उत्पन्न धन का उपयोग अंततः केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद को बनाए रखने के लिए किया जाता है।

जम्मू-कश्मीर में संयुक्त बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान पूरी योजना और खुफिया जानकारी के आधार पर किए जा रहे हैं। इनका मकसद सिर्फ हथियार उठाने वाले आतंकियों को मारना नहीं, बल्कि आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आतंकवाद की जड़ों को मिटाना है। यह समय की मांग है कि हम सभी मिलकर इस समस्या का समाधान करें। सुरक्षा बलों की मेहनत और बलिदान को देखते हुए हमें एकजुट रहना चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुलगाम में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 1 अगस्त को शुरू हुआ था।
क्या इस अभियान में कोई आतंकवादी मारा गया है?
हाँ, इस अभियान में एक आतंकवादी मारा गया है।
क्या सुरक्षाबलों ने किसी आतंकवादी को पकड़ा है?
अभी तक कोई आतंकवादी नहीं पकड़ा गया है।
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
क्या सुरक्षा बलों ने पहले भी आतंकवादियों को मारा है?
हाँ, इससे पहले सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी मारा था।
राष्ट्र प्रेस
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