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क्या अचानक शुगर बढ़ने की समस्या से आप भी परेशान हैं? ऐसे करें नियंत्रण

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क्या अचानक शुगर बढ़ने की समस्या से आप भी परेशान हैं? ऐसे करें नियंत्रण

सारांश

क्या आप भी अचानक शुगर बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे दिनभर का खानपान है। जानें कैसे सरल उपायों से आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं।

मुख्य बातें

ग्लूकोज स्पाइक का मुख्य कारण दिनभर का खानपान है।
दिन की शुरुआत में प्रोटीन का सेवन ग्लूकोज को नियंत्रित करता है।
रात के खाने का हल्का होना जरूरी नहीं कि समस्या को हल करे।
अंडे, दही, और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें।
बाहर के भोजन से बचें और अपने आहार को संतुलित रखें।

नई दिल्ली, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कई लोग हल्का डिनर करके सो जाते हैं, फिर भी सुबह या रात में ब्लड शुगर उच्च रहता है या नींद में बाधा आती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ग्लूकोज स्पाइक या ब्लड शुगर का अचानक बढ़ना केवल रात के खाने के कारण नहीं होता, बल्कि दिनभर के खानपान का प्रभाव होता है।

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने बताया, "आपका मेटाबॉलिज्म दिनभर के खानपान का हिसाब रखता है, सिर्फ रात का नहीं। इसलिए यदि आप दिन की शुरुआत में प्रोटीन पर ध्यान दें, तो रात में ग्लूकोज स्पाइक की चिंता काफी कम हो जाएगी। यह उपाय डायबिटीज, प्री-डायबिटीज या वजन कम करने के प्रयास करने वालों के लिए बहुत लाभकारी है।"

विशेषज्ञों के अनुसार, रात में अचानक ग्लूकोज के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें शाम को शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता का कम होना, लिवर द्वारा रात में अधिक ग्लूकोज का उत्पादन, और नींद में कोर्टिसोल और ग्रोथ हार्मोन का बढ़ना शामिल हैं।

उन्होंने कई अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा, "कई नए अध्ययन और नियंत्रित परीक्षणों से पता चला है कि सुबह के भोजन में अधिक प्रोटीन लेने से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाती है। इसे सेकंड मील इफेक्ट कहा जाता है। जब नाश्ते या लंच में पहले प्रोटीन का सेवन किया जाता है, तो बाद के खाने के लिए इंसुलिन का प्रभाव बेहतर होता है, शाम को ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव कम रहता है और रातभर लिवर से ग्लूकोज का रिसाव कम होता है।

एक रिसर्च में दिखाया गया कि जिन लोगों ने प्रोटीन से भरपूर नाश्ता किया, उनके डिनर के बाद ग्लूकोज स्तर काफी कम रहा, जबकि कम प्रोटीन वाले नाश्ते वाले समूह में डिनर के बाद भी स्पाइक ज्यादा देखा गया। इसका मतलब स्पष्ट है कि रात का खाना कितना हल्का हो, ग्लूकोज मॉनिटर में स्पाइक दिखाई देता है। यही कारण है कि बिना कारण नींद टूटना या सुबह खाली पेट हाई शुगर होता है।

विशेषज्ञ ने ग्लूकोज स्पाइक की समस्या से निपटने के लिए कुछ आसान और प्रभावी सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि नाश्ते में २५ से ३५ ग्राम प्रोटीन का सेवन अवश्य करें। इसके लिए अंडे, दही, पनीर, दाल, चिकन, स्प्राउट्स आदि को अपने आहार में शामिल करें। दोपहर के भोजन में भी पहले प्रोटीन का सेवन करें, फिर कार्ब्स लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम लोगों को ग्लूकोज स्पाइक की समस्या से अवगत कराएं। यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। विशेषज्ञों के सुझावों पर ध्यान देकर हम इस समस्या का समाधान खोज सकते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्लूकोज स्पाइक क्या होता है?
ग्लूकोज स्पाइक तब होता है जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर अचानक बढ़ जाता है।
दिनभर में कौन से आहार से ग्लूकोज कंट्रोल में रहता है?
दिनभर प्रोटीन समृद्ध आहार जैसे अंडे, दही, और पनीर का सेवन ग्लूकोज को नियंत्रित कर सकता है।
क्या रात का खाना हल्का खाने से ग्लूकोज कम हो जाता है?
नहीं, रात का खाना हल्का खाने से भी ग्लूकोज में स्पाइक हो सकता है।
प्रोटीन का सेवन कब करना चाहिए?
सुबह के नाश्ते और दोपहर के भोजन के दौरान प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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