क्या अरविंद केजरीवाल का दिल्ली शराब घोटाले में जेल जाना तय है?
सारांश
Key Takeaways
- अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले में मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
- दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उन्हें भ्रष्ट बताया है।
- ईडी की याचिकाएँ अदालत में खारिज हुई हैं।
- केजरीवाल का 'सत्यमेव जयते' पोस्ट विवादित बन गया है।
- इस मामले की सुनवाई अभी जारी है।
नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल झूठ, धोखे और भ्रष्टाचार के मास्टर हैं। उन्होंने एक बार पुनः जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है। शराब घोटाले में पूछताछ के लिए पेश न होने से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दो याचिकाओं को शहर की अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बाद, केजरीवाल ने “सत्यमेव जयते” लिखकर उत्तर दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर “सत्यमेव जयते” लिखकर केजरीवाल ने यह दिखाने की कोशिश की कि उन्हें ईडी द्वारा दायर मुख्य शराब घोटाले के मामले में बरी कर दिया गया है, जबकि अदालत ने उनकी गिरफ्तारी से पहले जारी किए गए दो ईडी समन को सुनवाई योग्य न पाते हुए खारिज कर दिया है।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल शराब घोटाले के मुख्य आरोपी हैं और वे केवल ईडी के समन खारिज होने का हवाला देकर घोटाले से बरी होने का दावा नहीं कर सकते।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने भी केजरीवाल के सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली और देश की जनता को यह जानना चाहिए कि केजरीवाल को ईडी के आर्थिक धोखाधड़ी मामले में बरी नहीं किया गया है, मामले की सुनवाई जारी रहेगी।
कपूर ने कहा कि कानून के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है, जेल भेजा जाता है, और बाद में जमानत पर रिहा किया जाता है, तो गिरफ्तारी से पहले जारी किए गए समन के खिलाफ दायर की गई कोई भी शिकायत निष्प्रभावी हो जाती है।