क्या गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से परे था? शिबू सोरेन को पद्मभूषण देने पर सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र का आभार व्यक्त किया

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क्या गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से परे था? शिबू सोरेन को पद्मभूषण देने पर सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र का आभार व्यक्त किया

सारांश

शिबू सोरेन को पद्मभूषण सम्मान मिलना झारखंड के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि पूरे झारखंड की पहचान के रूप में देखा। जानिए इस महान नेता के संघर्ष और योगदान के बारे में।

Key Takeaways

  • शिबू सोरेन का जीवन आदिवासी अधिकारों के लिए समर्पित रहा।
  • पद्मभूषण सम्मान झारखंड के लिए गर्व का क्षण है।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे राष्ट्रीय सम्मान बताया।
  • यह सम्मान झारखंड के संघर्ष की परंपरा का प्रतीक है।
  • गुरुजी का संघर्ष आज भी प्रेरणादायक है।

रांची, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और अलग झारखंड राज्य आंदोलन के प्रेरक नेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान प्राप्त होने पर राज्य के मुख्यमंत्री और उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इसे झारखंड आंदोलन, आदिवासी समाज और जनसंघर्षों की राजनीति में मिला राष्ट्रीय सम्मान बताया है।

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि गुरुजी के लिए पद्मभूषण सम्मान की घोषणा पर वह झारखंड की समस्त जनता की ओर से केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन राजनीतिक सीमाओं से परे समता, सामाजिक न्याय, आदिवासी अस्मिता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का प्रतीक रहा है।

उन्होंने कहा, “झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।”

ओडिशा के पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता रघुवर दास ने भी इस सम्मान को हर झारखंडवासी के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपना संपूर्ण जीवन झारखंड की पहचान, आदिवासी समाज के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय की लड़ाई को समर्पित किया।

रघुवर दास ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि झारखंड की मिट्टी, संघर्ष की परंपरा और जनआंदोलन की भावना का सम्मान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्मभूषण सम्मान लोक कल्याण के लिए समर्पित उनके कार्यों की मान्यता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे झारखंड का सम्मान है। संजय सेठ ने कहा कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा, नशा मुक्ति, महाजनी प्रथा और शोषण के विरुद्ध गुरुजी के संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

Point of View

NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

शिबू सोरेन को पद्मभूषण सम्मान क्यों मिला?
उन्हें झारखंड राज्य आंदोलन और आदिवासी अधिकारों के लिए उनके योगदान के लिए मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान मिला है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?
उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया और इसे झारखंड की समस्त जनता का सम्मान बताया।
इस सम्मान का महत्व क्या है?
यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि झारखंड की मिट्टी और संघर्ष की परंपरा का सम्मान है।
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