क्या केरल में भाजपा का एजेंडा पूरी तरह सांप्रदायिक है?: वीडी सतीशन
सारांश
Key Takeaways
- वीडी सतीशन ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की आलोचना की।
- भाजपा का एजेंडा सांप्रदायिकता पर आधारित है।
- केरल का सामाजिक ताना-बाना ऐसी राजनीति के खिलाफ है।
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तिरुवनंतपुरम में दिए गए भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
नई दिल्ली में उपस्थित वीडी सतीशन ने कहा कि प्रधानमंत्री को केरल आने और सरकारी कार्यक्रमों तथा पार्टी के आयोजनों में भाग लेने का पूरा अधिकार है, लेकिन खुले तौर पर सांप्रदायिक भाषा का उपयोग करना खतरनाक है।
वीडी सतीशन ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद देश के महान राष्ट्रीय नेताओं द्वारा संभाला गया है, और ऐसे पद पर रहकर इस तरह की बयानबाजी करना भारत की मूल भावना और संविधान के मूल्यों को कमजोर करता है।
सतीशन ने कहा, "भाषण में न तो विकास की कोई उपलब्धि थी, न ही देश और केरल के भविष्य या राज्य की प्राथमिक जरूरतों पर कोई चर्चा। पूरे भाषण में केवल सांप्रदायिकता ही बार-बार स्पष्ट हुई।"
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इस भाषण से यह स्पष्ट हो गया है कि केरल में भाजपा और संघ परिवार के पास ध्रुवीकरण के अलावा कोई अन्य राजनीतिक एजेंडा नहीं है।
कांग्रेस नेता ने आश्वासन दिया कि केरल का सामाजिक ताना-बाना ऐसी राजनीति के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ा रहेगा। सतीशन ने कहा, "यह धर्मनिरपेक्ष केरल है। देश के कुछ अन्य राज्यों में चलने वाली विभाजनकारी और जहरीली सांप्रदायिक राजनीति यहां जड़ नहीं जमा सकती।"
अपनी पार्टी और गठबंधन की विचारधारा को दोहराते हुए सतीशन ने कहा कि कांग्रेस, मुस्लिम लीग और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के लिए धर्मनिरपेक्षता की रक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "हम इस भूमि पर सांप्रदायिक ताकतों को समाप्त करने और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।"
कांग्रेस नेता सतीशन ने यह भी कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ कभी चुनाव जीतने या कुछ वोटों के लिए सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा नहीं देते। कांग्रेस और यूडीएफ की धर्मनिरपेक्षता को प्रधानमंत्री के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। केरल किसी भी प्रकार के ध्रुवीकरण की कोशिश का डटकर मुकाबला करेगा।