क्या मतदाता सूची में गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ होनी चाहिए कड़ी कार्रवाई? : दिलीप घोष

Key Takeaways
- मतदाता सूची में गड़बड़ी की गंभीरता।
- अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल।
- पश्चिम बंगाल में पलायन की चिंताजनक स्थिति।
- अमेरिका के टैरिफ के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता।
कोलकाता, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता दिलीप घोष ने बुधवार को आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी हुई है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का घोटाला बिना अधिकारियों की संलिप्तता के संभव नहीं है। इसलिए ऐसे सभी अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, क्योंकि हम पश्चिम बंगाल में इस तरह की स्थिति को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
दिलीप घोष ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को इस मामले में उत्तरदायी होना चाहिए। वे अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते हैं। ममता बनर्जी आज मुख्यमंत्री हैं, लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं है। मुख्य सचिव को अपनी जिम्मेदारी से बचने का कोई हक नहीं है। यह स्थिति पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में हो रहे पलायन पर भी चिंता जताई और कहा कि पिछले कुछ समय से लोग बेहतर अवसरों की तलाश में अन्य राज्यों की ओर बढ़ रहे हैं। आज बंगाल की स्थिति ऐसी हो गई है कि यहाँ न तो बेहतर शिक्षा है और न ही स्वास्थ्य सेवाएं। ऐसे में लोग अन्य राज्यों में बेहतर संभावनाओं की खोज में जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को उसकी दादागिरी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अमेरिका की मनमानी है, जिसे हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करना चाहिए। हमें अमेरिका के खिलाफ एकजुट होना होगा, तभी हम इस स्थिति का सामना कर पाएंगे। अमेरिका आज वैश्विक मंच पर अपनी प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है।
उन्होंने संसद में पेश हुए तीन महत्वपूर्ण बिलों पर टीएमसी के समर्थन न करने की निंदा की। उन्होंने कहा कि टीएमसी का इस बिल का विरोध यह दर्शाता है कि यह पार्टी वर्तमान में भ्रष्टाचार की पर्याय बन चुकी है। इस पार्टी के अधिकांश नेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। आने वाले दिनों में इस बिल के माध्यम से राजनीति में प्रचलित भ्रष्टाचार समाप्त होगा और लोगों को सकारात्मक माहौल मिलेगा।
दिलीप घोष ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल की स्थिति जम्मू-कश्मीर से भी अधिक दयनीय हो चुकी है। इसलिए जिस तरह से दुनिया जम्मू-कश्मीर की स्थिति से अवगत है, ठीक उसी प्रकार से लोगों को पश्चिम बंगाल की भी मौजूदा स्थिति के बारे में जानना चाहिए। लोगों को समझना चाहिए कि यहाँ रहने वाले लोगों के हितों पर किस तरह से कुठाराघात किया जाता है।