क्या 'पीएम-सीएम' बिल राजनीतिक हत्या का साधन बनेगा? उमंग सिंघार का बयान

सारांश
Key Takeaways
- उमंग सिंघार ने 'पीएम-सीएम' बिल को राजनीतिक हत्या का बिल बताया।
- बिल के माध्यम से राजनीतिक पहचान को मिटाने का खतरा है।
- मानसून सत्र में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था।
नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने ‘पीएम-सीएम’ वाले बिल पर तीखा हमला करते हुए इसे राजनीतिक हत्या वाला बिल बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल किसी भी नेता की सियासी पहचान को समाप्त कर देगा।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसी नेता को उभरने में 20-30 वर्षों की मेहनत लगती है। उनका मानना है कि यह बिल नेताओं की राजनीतिक पहचान को नष्ट कर देगा। सिंघार ने इस बिल को चिंता का विषय बताते हुए आशंका जताई कि यह नेताओं को राजनीतिक रूप से खत्म करने का एक हथियार बन सकता है।
मानसून सत्र के दौरान इस बिल को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था। सत्तापक्ष इसे अपराधमुक्त राजनीति के लिए आवश्यक बता रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि यह बिल राज्य सरकारों को गिराने के लिए एक साधन बनेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने दिल्ली में आयोजित जिला अध्यक्षों की प्रशिक्षण बैठक पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी जिलाध्यक्षों में उत्साह है और यह एक नई शुरुआत है, जो जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती देगी। कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों को 2028 के मिशन के तहत जनसेवा के माध्यम से जनता के मुद्दों को उठाने का प्रशिक्षण दिया है।
जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस की ओर से बताया गया कि नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी सहित अन्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात की। बैठक में जिलाध्यक्षों को कांग्रेस संगठन की मजबूती, गांव-गांव में गठन और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मंशानुरूप जन-जन तक कांग्रेस के विचार को ले जाने के लिए ट्रेनिंग दी गई।
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि ऊर्जा और उत्साह से भरी हुई टीम मध्यप्रदेश कांग्रेस के वैचारिक प्रवाह को नई गति दे रही है। जन अपेक्षाओं को साकार करने के लिए हम सभी प्राण-प्रण से संघर्ष करेंगे। सभी नव-नियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों ने संकल्प लिया है कि हम मिलकर लड़ेंगे, हर हाल में जीतेंगे।