क्या प्रधानमंत्री मोदी ने कर्तव्य पथ पर आम लोगों से मिलने के लिए प्रोटोकॉल को दरकिनार किया?

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क्या प्रधानमंत्री मोदी ने कर्तव्य पथ पर आम लोगों से मिलने के लिए प्रोटोकॉल को दरकिनार किया?

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर जनता से संवाद किया।
  • 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का सफल आयोजन हुआ।
  • प्रधानमंत्री ने लाल रंग की पगड़ी पहनी थी।
  • यूरोपीय परिषद और आयोग के अध्यक्ष मुख्य अतिथि रहे।
  • गणतंत्र दिवस परेड में विभिन्न मिसाइल सिस्टम प्रदर्शित किए गए।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रोटोकॉल से हटकर लोगों से मिलने की अपनी परंपरा जारी रखी है। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के बाद, पीएम मोदी ने कर्तव्य पथ पर काफी दूर तक पैदल चलकर दर्शक दीर्घाओं में बैठे उत्साही लोगों का अभिवादन किया।

यहां उपस्थित लोग पीएम को अपने बीच पाकर बेहद उत्साहित नजर आए। हाथों में तिरंगा लिए हुए, लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। कई बच्चे कुर्सियों पर चढ़कर मुस्कुराते हुए पीएम की एक झलक पाने के लिए आतुर थे। पीएम ने भी इस दौरान हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया, जिस पर मौजूद लोगों ने तालियों और जयघोष से उनका स्वागत किया।

इसके बाद, प्रधानमंत्री अपनी कार में सवार होकर आगे बढ़े और कर्तव्य पथ पर लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। पीएम ने कर्तव्य पथ के दूसरे हिस्से में जाकर भी लोगों से मुलाकात की, जहां उत्साहित नागरिकों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पारंपरिक लाल रंग की पगड़ी पहनी थी, जिस पर सुनहरे रंग की आकृति बनी थी। गणतंत्र दिवस पर विशिष्ट पगड़ी पहनना अब पीएम की पहचान बन चुकी है।

गौरतलब है कि पीएम मोदी वर्ष 2015 से लगातार गणतंत्र दिवस के बाद प्रोटोकॉल तोड़कर आम जनता से सीधे संवाद करते आ रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के दौरे से हुई, जहां उन्होंने माल्यार्पण कर अपने प्राण न्योछावर करने वाले राष्ट्र नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के साथ ‘पारंपरिक बग्गी’ में कर्तव्य पथ पर आईं, जिसमें राष्ट्रपति के अंगरक्षक थे जो भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ से गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया। इस दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष, भारत की अभूतपूर्व प्रगति, मजबूत सैन्य शक्ति, और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया गया। परंपरा के अनुसार कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। यह देश में निर्मित तोपखाना हथियार प्रणाली है।

पहले 21 तोपों की सलामी के लिए ब्रिटिश काल की 25 पाउंडर तोपों का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब 172 फील्ड रेजिमेंट की 1721 सेरेमोनियल बैटरी 21 तोपों की सलामी दे रही है। परेड में सेना की जबरदस्त मारक क्षमता का परिचय भी मिला। यहां टी-90 भीष्म और अर्जुन टैंक, बीएमपी-2 सारथ और विभिन्न मिसाइल सिस्टम, ध्रुव, रुद्र, अपाचे और प्रचंड हेलीकॉप्टर, आकाश, एमआरएसएएम और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने।

Point of View

बल्कि यह भी दिखाती है कि एक लोकतांत्रिक देश के नेता के रूप में उनकी जिम्मेदारियां क्या होती हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है कि वे हमेशा अपने नागरिकों की आवाज सुनने के लिए तत्पर हैं।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी ने गणतंत्र दिवस पर क्या किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रोटोकॉल से हटकर आम जनता से मिलने की परंपरा निभाई।
क्या यह पहली बार है जब पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ा?
नहीं, पीएम मोदी वर्ष 2015 से लगातार गणतंत्र दिवस के बाद प्रोटोकॉल तोड़कर आम जनता से संवाद कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने किस रंग की पगड़ी पहनी थी?
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल रंग की पगड़ी पहनी थी, जिस पर सुनहरे रंग की आकृति बनी थी।
गणतंत्र दिवस समारोह में कौन मुख्य अतिथि थे?
गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि रहे।
गणतंत्र दिवस परेड में कौन से टैंक प्रदर्शित किए गए?
गणतंत्र दिवस परेड में टी-90 भीष्म और अर्जुन टैंक प्रदर्शित किए गए।
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