क्या राहुल गांधी को उन राज्यों पर भी शक होना चाहिए जहां कांग्रेस की सरकार है?
सारांश
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लखनऊ, ३ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गुरुवार को कड़ा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सांसद को शक करने की आदत हो गई है। जब वह चुनाव हारते हैं, तो चुनाव आयोग और ईवीएम पर शक करते हैं। लेकिन उन राज्यों पर शक नहीं करते हैं, जहां कांग्रेस की सरकार है। उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि कैसे तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। क्या इन राज्यों में EVM और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली सही थी?
केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने राहुल गांधी के उस बयान पर जवाब दिया, जिसमें उन्होंने बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हर चुनाव में ये लोग EVM और चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं। आयोग में कोई गड़बड़ी नहीं है, यह एक संवैधानिक संस्था है। आयोग की कार्यप्रणाली और EVM से हुए चुनाव में तीन बार दिल्ली में केजरीवाल की सरकार बनी। दो बार पूर्ण बहुमत से और एक बार कांग्रेस के समर्थन से। उत्तर प्रदेश में मायावती (बहुजन समाज पार्टी) और अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी) की सरकार बनी। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार EVM से हुए मतदान के आधार पर बनी। तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। कांग्रेस का हमेशा यही रोना रहा है कि जब उनकी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता, तो वे EVM को दोषी ठहराते हैं। यदि राहुल गांधी को दोषी ठहराना है, तो उन्हें उन राज्यों की सरकारों को भी दोष देना चाहिए जहां कांग्रेस की सरकार चल रही है।
समाजवादी पार्टी के नेता एस.टी. हसन द्वारा मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा से पहले ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारियों के कपड़े उतरवाकर चेकिंग करने के विवादित बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि पहलगाम की घटना की तुलना कांवड़ यात्रा की “सावधानियों” से करना पूरी तरह से निराधार है। ऐसे बयान देने वाले लोग कांवड़ यात्रा के खिलाफ झूठी बातें फैलाकर अपने स्वार्थों के लिए मुस्लिम समूहों को खुश करने और एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। सनातन बहुत लिबरल है, इसीलिए कोई भी इस तरह के बयान दे सकता है।