क्या सरकार पर्यटन स्थलों के विकास से रोजगार बढ़ा रही है? : सीएम भगवंत मान

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क्या सरकार पर्यटन स्थलों के विकास से रोजगार बढ़ा रही है? : सीएम भगवंत मान

सारांश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सलेरन बांध पर पर्यावरण-अनुकूल झोपड़ियों का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी सरकार के प्रयासों से पर्यटन स्थलों का विकास हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। क्या यह पहल राज्य के लिए लाभकारी साबित होगी?

मुख्य बातें

पर्यटन विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पर्यावरण-अनुकूल झोपड़ियां पर्यटन को बढ़ावा देंगी।
52 विश्राम गृहों का जीर्णोद्धार किया गया है।
सलेरन बांध परियोजना की लागत 2.80 करोड़ रुपए है।
यह परियोजना स्थानीय आय में वृद्धि करेगी।

होशियारपुर, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को सलेरन बांध पर पर्यावरण-अनुकूल झोपड़ियों का उद्घाटन करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर्यटन स्थलों का विकास करके रोजगार बढ़ा रही है। पर्यावरण-पर्यटन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ये झोपड़ियां बनाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अमृतसर, पटियाला और चामरोद झील में फिल्म शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग से भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने आगे कहा कि सलेरन बांध परियोजना हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को टक्कर देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके 52 विश्राम गृहों का जीर्णोद्धार किया है और अब उनसे प्रति माह 1 करोड़ रुपए का किराया प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी संपत्तियों को अपने मित्रों को नगण्य दामों पर बेच दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन संपत्तियों को पुनः प्राप्त कर लिया है।

बांध परियोजना का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आज हमने राज्य में पर्यटन ढांचे को और मजबूत करने के लिए सलेरन बांध पर्यावरण-पर्यटन परियोजना का उद्घाटन किया है। इससे पहले, चोहल बांध परियोजना सफलतापूर्वक चल रही है, और यह नई पहल पर्यटकों के लिए एक और आकर्षक गंतव्य प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की परिकल्पना 2.80 करोड़ रुपए की लागत से की गई है और इससे प्रति वर्ष 18 लाख रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी।

परियोजना के तहत निर्मित सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए 16,000 वर्ग फुट में फैला एक विशेष खेल का मैदान बनाया गया है, जिसमें मल्टी-प्ले स्टेशन और अन्य मनोरंजक गतिविधियां शामिल हैं।

पर्यटकों के ठहरने के लिए चार इको हट बनाए गए हैं और 80 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक कैफेटेरिया भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सलेरन बांध के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने के लिए एक विशाल एम्फीथिएटर विकसित किया गया है और उन्होंने कहा कि यह परियोजना पंजाब में पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं और इन्हें विश्व भर से पर्यटकों को आकर्षित करने वाले आदर्श पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सलेरन बांध परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
जी हां, इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पर्यावरण-अनुकूल झोपड़ियों का क्या महत्व है?
ये झोपड़ियां पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देंगी और पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद करेंगी।
सलेरन बांध परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की परिकल्पना 2.80 करोड़ रुपए की लागत से की गई है।
क्या यह परियोजना अन्य पर्यटन स्थलों से प्रतिस्पर्धा करेगी?
हाँ, यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों से प्रतिस्पर्धा करेगी।
इस परियोजना से राज्य को कितना राजस्व मिलेगा?
इससे प्रति वर्ष 18 लाख रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस