क्या विपक्ष को सदन में हंगामा बंद कर जनता के मुद्दे उठाने चाहिए?: दिलेश्वर कामैत
सारांश
Key Takeaways
- विपक्ष को जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
- सदन में हंगामा करने से समस्याओं का समाधान नहीं होता।
- सरकार हर प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार है।
- लोकतंत्र की मजबूती के लिए सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
- जनता की समस्याओं का समाधान करने का मुख्य उद्देश्य संसद का है।
नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। संसद के आगामी बजट सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में जदयू सांसद दिलेश्वर कामैत ने विपक्ष के व्यवहार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सदन में हंगामा करने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहिए, क्योंकि उन्हें जनता ने चुनकर भेजा है।
दिलेश्वर कामैत ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी हमेशा विपक्ष को यह याद दिलाती रही है कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं, इसलिए उन्हें सदन में जनता की समस्याओं और अपने मुद्दों को प्रस्तुत करना चाहिए। लेकिन पिछले सत्र के दौरान विपक्ष ने लगातार हंगामा कर संसद की कार्यवाही को बाधित किया, जिससे सदन सुचारू रूप से नहीं चल पाया। उन्होंने कहा कि इस बुरे व्यवहार का जवाब जनता ने बिहार विधानसभा चुनाव में दे दिया है। बिहार चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने प्रचंड बहुमत देकर राज्य में एनडीए की सरकार बनाई है, जबकि विपक्ष का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है। उनका कहना था कि यह स्पष्ट है कि जनता किसके कार्यों को सराह रही है और किसके रवैये को नकार रही है।
दिलेश्वर कामैत ने कहा कि देश के हित में निरंतर प्रयास हो रहे हैं और यदि विपक्ष के पास कोई प्रश्न या समस्या है, तो उसे सदन में उठाना चाहिए। सरकार हर प्रश्न का उत्तर देने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सिर्फ सदन को बाधित करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद को बंद करना न तो जनता की समस्याओं का समाधान करता है और न ही लोकतंत्र को मजबूत करता है। अपने दल की ओर से उन्होंने अपील की कि विपक्ष को जनहित में सदन में अपनी बातें रखनी चाहिए, ताकि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके और जनता की समस्याओं का समाधान हो सके। उनका कहना था कि संसद का मुख्य उद्देश्य यही है कि सरकार के सामने जनता की समस्याएं रखी जाएं और उनका समाधान हो।
जदयू सांसद ने विपक्ष से अनुरोध किया कि वह सकारात्मक भूमिका निभाए, सदन की कार्यवाही को बाधित न करे और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए जनता के हित में काम करे। उन्होंने कहा कि सरकार सहयोग के लिए सदैव तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।