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क्या जमीन के बदले नौकरी के मामले में लालू प्रसाद पटना लौटे?

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क्या जमीन के बदले नौकरी के मामले में लालू प्रसाद पटना लौटे?

सारांश

दिल्ली की अदालत में सुनवाई के बाद लालू प्रसाद यादव पटना लौट आए हैं। जानिए इस मामले में क्या नए मोड़ आए हैं और क्या भविष्य में होने वाली सुनवाई में उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

दिल्ली की अदालत ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
नीरज कुमार ने लालू परिवार पर तीखा हमला किया।
समाजवादी आंदोलन की विरासत को धूमिल करने का आरोप।
जब्त की गई संपत्तियों पर सामाजिक कार्य करने की मांग।

पटना, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जमीन के बदले नौकरी के मामले में दिल्ली की अदालत में हुई सुनवाई के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शनिवार को पटना लौट आए।

उनके साथ उनकी सबसे बड़ी बेटी और पाटलिपुत्र की लोकसभा सांसद मीसा भारती भी थीं।

पटना हवाई अड्डे पर पहुंचने पर मीसा भारती ने मीडियाकर्मियों से संक्षिप्त बातचीत की और बताया कि जमीन के बदले नौकरी के मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी, जिसमें औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएंगे।

लालू प्रसाद यादव आंखों के इलाज के लिए एक महीने से अधिक समय से दिल्ली में रह रहे थे। 20 दिसंबर, 2025 को दिल्ली के सेंटर फॉर साइट में उनका मोतियाबिंद और रेटिना का ऑपरेशन सफलतापूर्वक हुआ था।

ऑपरेशन के बाद वे राजधानी में मीसा भारती के आधिकारिक आवास पर आराम कर रहे थे।

राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत के एक महत्वपूर्ण फैसले ने राजद के भीतर नए सिरे से राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है।

जमीन के बदले नौकरी घोटाले में अदालत ने लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।

अदालत ने लालू प्रसाद यादव पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।

अदालत के इस आदेश के बाद सत्ताधारी जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

जदयू नेता और प्रवक्ता नीरज कुमार ने शुक्रवार को लालू परिवार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे एक आपराधिक राजनीतिक गिरोह चला रहे थे और उन्होंने बिहार में समाजवादी आंदोलन की विरासत को धूमिल किया है।

उन्होंने कहा कि अदालत का यह आदेश परिवार के कृत्यों का स्वाभाविक परिणाम है और मामले के शीघ्र निपटारे की अपील की।

नीरज कुमार ने लालू परिवार की संपत्तियों को जब्त करने की भी मांग की।

उन्होंने सुझाव दिया कि जब्त की गई जमीनों पर अनाथालय, वृद्धाश्रम और अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए छात्रावास बनाए जाएं। उनका कहना था कि ऐसा करने से एक सशक्त सामाजिक मिसाल कायम होगी और यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि राजनीति कोई व्यवसाय नहीं है और भ्रष्टाचार के गंभीर परिणाम होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लालू प्रसाद यादव क्यों पटना लौटे?
लालू प्रसाद यादव जमीन के बदले नौकरी मामले में दिल्ली की अदालत में सुनवाई के बाद पटना लौटे।
अगली सुनवाई कब होगी?
जमीन के बदले नौकरी के मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
क्या आरोप तय किए गए हैं?
अदालत ने लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
नीरज कुमार ने क्या कहा?
नीरज कुमार ने लालू परिवार पर आरोप लगाया कि वे एक आपराधिक राजनीतिक गिरोह चला रहे हैं।
क्या संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई है?
हाँ, नीरज कुमार ने लालू परिवार की संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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