क्या मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस का उत्सव मध्य प्रदेश में धूमधाम से मनाया गया।
- राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ध्वजारोहण किया।
- राज्य में कृषि विकास की योजनाएं बनाई जा रही हैं।
- अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए नए संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।
भोपाल, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस का उत्सव जोश और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोपाल में और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में ध्वजारोहण किया। राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल पटेल ने तिरंगा फहराया।
इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने देश और प्रदेश की बदलती तस्वीर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसान, युवा, गरीब और महिलाओं के कल्याण के लिए काम कर रही है। वहीं मध्य प्रदेश सरकार 2026 को कृषि वर्ष के रूप में स्थापित करने की योजना बना रही है।
राज्य में एक ओर जहां कृषि क्षमता का विस्तार हो रहा है, वहीं किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी मिल रहा है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं। शिक्षा के बेहतर संस्थान राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
इससे पहले राज्यपाल ने परेड की सलामी ली और तिरंगा फहराया। 22 विभागों की प्रगति की झांकी भी प्रस्तुत की गई। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन के कार्तिक मेला मैदान में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री ने क्षिप्रा नदी के तट पर गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा फहराया। इसी तरह राज्य के अन्य हिस्सों में भी गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्रभात फेरियां निकाली गईं और झंडा फहराने के अलावा मुख्य अतिथि द्वारा परेड की सलामी ली गई।
—राष्ट्र प्रेस
एसएनपी/एएस