महिलाओं के नेतृत्व में विकास: पीएम मोदी का प्रमुख उद्देश्य - अन्नपूर्णा देवी
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं के नेतृत्व में विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है।
- महिलाओं का 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
- पीएम मोदी का दृष्टिकोण सकारात्मक और प्रेरणादायक है।
- महिला सशक्तिकरण लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर प्रधानमंत्री मोदी के लेख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पीएम मोदी का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व में विकास को बढ़ावा देना है।
नई दिल्ली में एक बातचीत के दौरान, अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि साल 2014 से प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आएं और उन्हें सशक्त बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उनका मानना है कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अपील की कि सभी को मिलकर इस बिल को पास करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि हमारी बहनें हर क्षेत्र में 33 प्रतिशत की उपस्थिति दर्ज कर सकें और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि यह विधेयक आजादी के बाद पहले ही लागू होना चाहिए था, लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। मैं देश की महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करती हूं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। एक गृहिणी के रूप में, वे पहले से सोचती हैं कि घर में क्या सामान कम है और कैसे घर को चलाना है। मेरे लिए यह गर्व की बात है कि मुझे 10 साल तक देश की सरकार में सेवा करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि आज जिस पद पर मैं बैठी हूं, मैं इस आयोग की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रही हूं।
राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि महिलाओं में काफी उत्साह और खुशी है। सभी को विश्वास है कि हमारी महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।
हर महिला को उसके अधिकार और अवसर मिलेंगे, और वे आगे बढ़ेंगी। जब यह विधेयक पहली बार पेश किया गया था, तो मुझे इसके पक्ष में मतदान करने का सौभाग्य मिला। अब, यह विधेयक संसद में फिर से आया है, और यह महिलाओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की महिलाओं की आवाज न केवल सुनी जा रही है, बल्कि यह देश के भविष्य को भी आकार दे रही है। हमारी विधायिकाओं में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे महिलाएं हर स्तर पर नेतृत्व, भागीदारी और प्रेरणा देने में सक्षम होंगी।