क्या सतत विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व आवश्यक है? : सीएम एमके स्टालिन

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क्या सतत विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व आवश्यक है? : सीएम एमके स्टालिन

सारांश

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने महिलाओं की भागीदारी को सतत विकास के लिए आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता। जानें, इस पर उनकी क्या राय है।

Key Takeaways

  • महिलाओं की भागीदारी सतत विकास के लिए अनिवार्य है।
  • राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।
  • समाज की आधी आबादी को आगे बढ़ाना आवश्यक है।
  • नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण का समर्थन किया गया है।
  • ऐतिहासिक सुधारों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

चेन्नई, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को मजबूत बुनियादी ढांचे और सामाजिक प्रणालियों के निर्माण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

चेन्नई में आयोजित दो दिवसीय वैश्विक महिला शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) सरकार के तमिलनाडु को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने के लक्ष्य को साकार करने में महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

आर्थिक प्रगति को समावेशी बनाने पर जोर देते हुए स्टालिन ने कहा कि सतत विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक उसकी आधी आबादी पीछे छूट जाए। उन्होंने आगे कहा कि विकास नीतियों में शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं के सामने आने वाली संरचनात्मक बाधाओं को दूर करना आवश्यक है।

महिलाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने 'कलैगनार मगलिर उरीमाई थिट्टम' (जो 1.3 करोड़ महिला मुखियाओं को प्रति माह 1,000 रुपए प्रदान करती है) को अपनी सरकार के सामाजिक सुरक्षा ढांचे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

उन्होंने उल्लेख किया कि तमिलनाडु में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी देश में सबसे अधिक है और कहा कि जब भी कोई नई कंपनी राज्य में निवेश करने में रुचि दिखाती है, तो उनका पहला सवाल यही होता है कि महिलाओं के लिए कितनी नौकरियां सृजित की जाएंगी।

स्टालिन ने निजी कंपनियों द्वारा महिलाओं के लिए नौकरियों का एक निश्चित हिस्सा आरक्षित करने की प्रवृत्ति का स्वागत किया।

द्रविड़ आंदोलन की वैचारिक जड़ों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तर्कवादी नेता ईवी रामासामी पेरियार ने महिला मुक्ति के महत्व पर दृढ़ता से जोर दिया था।

स्टालिन ने बताया कि उस विरासत को आगे बढ़ाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने महिलाओं के लिए समान उत्तराधिकार अधिकार, पुलिस बल में महिलाओं की भर्ती, और स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण जैसे ऐतिहासिक सुधारों की शुरुआत की।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

महिलाओं की भागीदारी से क्या लाभ होता है?
महिलाओं की भागीदारी से समाज में समावेशिता बढ़ती है, आर्थिक प्रगति होती है और विकास में संतुलन आता है।
राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए कौन सी योजनाएं शुरू की हैं?
राज्य सरकार ने 'कलैगनार मगलिर उरीमाई थिट्टम' जैसी योजनाएं शुरू की हैं, जो महिला मुखियाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं।
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