मल्लिकार्जुन खड़गे का उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर बयान: कांग्रेस डरने वाली नहीं है
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने अपने युवा नेताओं की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की है।
- डराने की कोशिशें कांग्रेस को कमजोर नहीं करेंगी।
- कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिए तत्पर है।
- यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन पुलिस की कार्रवाई का शिकार हुआ।
बेंगलुरु, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे युवा नेताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस न तो डरपोक है और न ही डरने वाली। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी त्याग करना होगा, हम उसे करने के लिए तैयार हैं।
बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि जब कॉमनवेल्थ खेल हो रहे थे, तब नितिन गडकरी और भाजपा नेताओं ने क्या किया? ऐसे हर आयोजन में वे देश की भावना को समझने में असफल रहे। उन्होंने यह नहीं सोचा कि इससे उस समय भारत और विदेश के एथलीटों को क्या संदेश जाएगा। भाजपा दूसरों की आलोचना तो करती है, लेकिन अपने गिरेबान में नहीं झांकती। अगर वे ऐसा करते, तो शायद उन्हें अपनी सच्चाई का सामना करना पड़ता। मैं यूथ कांग्रेस की गिरफ्तारी की निंदा करता हूँ।
खड़गे ने कहा कि आज के युवा नौकरी के लिए तरस रहे हैं और देश का माहौल इतना बिगड़ चुका है कि इसके कारण केंद्र सरकार के प्रति लोगों में भारी रोष है। मैं चाहता था कि पीएम मोदी देश के लिए कुछ सकारात्मक कार्य करें, लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं कर रही है। हमारी सरकार वही कर रही है जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं। ऐसा लगता है कि सरकार ने ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार सौदे से किसानों को नुकसान होगा। हमें बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार कांग्रेस को डराने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस न तो डरने वाली है और न ही डरपोक। हमारे देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी त्याग करना होगा, हम करेंगे। हम संघर्ष करते रहेंगे और सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।
उन्होंने एआई समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई पर कहा कि प्रदर्शन के बाद यदि डिटेन किया जाता है तो पुलिस कुछ देर बाद छोड़ देती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस को निशाना बनाकर डर पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है और कांग्रेस डरने वाली नहीं है।