क्या मलूक नागर ने पीएम मोदी की जापान यात्रा को अहम बताया?

सारांश
Key Takeaways
- मलूक नागर ने पीएम मोदी की जापान यात्रा को महत्वपूर्ण बताया।
- टैरिफ संकट को ध्यान में रखते हुए जापान के पीएम ने भारत आने का निर्णय लिया।
- व्यापारिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
- कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर भी मलूक नागर ने टिप्पणी की।
- राहुल गांधी के आरोपों को उन्होंने खारिज किया।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आरएलडी नेता मलूक नागर ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जापान के प्रधानमंत्री का अमेरिकी दौरा निश्चित था, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया। वर्तमान में टैरिफ के संकट को देखते हुए, जापान के प्रधानमंत्री ने पहले भारत के प्रधानमंत्री से मिलने की आवश्यकता महसूस की।
उन्होंने बताया, "ब्राजील, रूस, और चीन जैसे देश आपस में बातचीत कर रहे हैं ताकि व्यापार की गति को बढ़ाया जा सके। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण हमें आर्थिक मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ा है। इससे हमें उस नुकसान की भरपाई करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, अमेरिका के साथ वार्ता भी जारी है और हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति सुधार जाएगी। इससे भारत की छवि मजबूत होगी और प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तित्व भी और अधिक मजबूत होगा। हमें किसानों, पशुपालकों और व्यापारियों के हितों को लेकर अपनी बात रखने में कोई हिचक नहीं है।"
मलूक नागर ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के शामिल होने पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की भागीदारी यह दर्शाती है कि कांग्रेस की स्थिति बिहार में कैसी है। बिहार में भी कांग्रेस की स्थिति उत्तर प्रदेश जैसी होने की संभावना है। कांग्रेस की स्थिति अब भी सुधार की ओर नहीं जा रही है।
सिद्दारमैया के बिहार दौरे पर उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि वह वहां जाकर कांग्रेस की स्थिति को सुधारने का दावा कर रहे हैं, जबकि कर्नाटक में पिछड़े लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार हुआ, यह सभी ने देखा है।
इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया के जरिए हम इन खामियों को दूर कर रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब वे राजनीतिक लाभ के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले उन्होंने "चौकीदार चोर" जैसे नारे लगाए थे, लेकिन अब क्या हुआ, यह सबको पता है।