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क्या मणिकर्णिका घाट पर हो रही तोड़फोड़ आस्था पर हमला है? - इमरान मसूद

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क्या मणिकर्णिका घाट पर हो रही तोड़फोड़ आस्था पर हमला है? - इमरान मसूद

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने यूपी सरकार पर मणिकर्णिका घाट पर हो रही तोड़फोड़ के जरिए आस्था पर हमले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को कुचला जा रहा है और भाजपा के शासन में मंदिरों को तोड़ने का रिकॉर्ड मौजूद है। क्या यह धार्मिक सहिष्णुता का उल्लंघन नहीं है?

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का आरोप कि भाजपा सरकार धार्मिक स्थलों को तोड़ रही है।
मणिकर्णिका घाट पर हो रही घटनाएँ आस्था पर हमले के रूप में देखी जा रही हैं।
कांग्रेस ने यूपी सरकार से सच्चाई के सबूत मांगे हैं।
धार्मिक सहिष्णुता की आवश्यकता पर जोर।
भाजपा के शासनकाल में मंदिरों को तोड़ने का रिकॉर्ड।

सहारनपुर, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार नागरिकों की आस्था को नुकसान पहुँचा रही है। उनका कहना है कि मणिकर्णिका घाट पर हो रही गतिविधियाँ सीधे तौर पर लोगों की आस्था पर हमले के रूप में देखी जा रही हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि धार्मिक भावनाओं को कुचला जा रहा है।

इमरान मसूद ने सहारनपुर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि बरेली में एक घटना घटी, जहां लोग अपने घरों में नमाज पढ़ रहे थे और पुलिस ने उन्हें उठाकर जेल भेज दिया। सबसे बड़ी घटना वाराणसी में हुई, जहाँ कई मंदिरों को तोड़ दिया गया। भगवान शिव के मंदिर को ध्वस्त किया गया और हनुमान जी की मूर्ति को ट्रैक्टर से खींचा गया। अहिल्याबाई होलकर ट्रस्ट ने इस घटना की तस्वीरें जारी की हैं। जो मूर्ति तोड़ी गई है, उसे पुनः स्थापित किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में संघ के कार्यालय के लिए सैकड़ों साल पुराना मंदिर तोड़ दिया गया। इमरान मसूद ने तंज करते हुए पूछा कि क्या भाजपा सरकार को मंदिर और मस्जिद पर बुलडोजर चलाते हुए कोई दर्द नहीं होता? भाजपा को समझना चाहिए कि यह देश आस्था का है। यदि आस्था को ठेस पहुँचाई जाएगी तो लोगों को तकलीफ होगी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के शासन में सबसे ज्यादा मंदिरों को तोड़ा गया है, यह रिकॉर्ड में दर्ज है। उनके राज में जमीनों की भीषण छिनताई हुई है और यदि इस मुद्दे पर बहस करनी है, तो तैयार हैं।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि काशी की आस्था, संस्कृति और विरासत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह भी कहा गया कि सच्चाई की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस ने सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि यदि मूर्ति से संबंधित वीडियो एआई द्वारा उत्पन्न है, तो इसके ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाएं।

इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि वह मूर्ति कहाँ गई और वर्तमान में किस स्थान पर रखी गई है। सरकार के अपने अधिकारी और मंत्री यह मान रहे हैं कि मूर्ति तोड़ी गई, जबकि दूसरी ओर उसे एआई वीडियो बताकर सच्चाई को छुपाने की कोशिश की जा रही है। यह विरोधाभास खुद सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों को संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए। यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि धार्मिक आस्थाएँ सुरक्षित रहें और किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ हुई है?
हाँ, इमरान मसूद के अनुसार मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ की गई है, जो आस्था पर हमला माना जा रहा है।
भाजपा सरकार पर आरोप क्यों लगाए गए?
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने धार्मिक स्थलों को तोड़कर लोगों की आस्था को ठेस पहुँचाई है।
क्या कांग्रेस ने कोई प्रतिक्रिया दी है?
जी हाँ, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की आस्था, संस्कृति और विरासत की रक्षा के लिए किसी भी खिलवाड़ को बर्दाश्त न करने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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