16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मणिपुर में धमाके के बाद सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का गहन अवलोकन किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मणिपुर में धमाके के बाद सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का गहन अवलोकन किया

सारांश

मणिपुर में एक भयानक धमाके के बाद, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का गहन अवलोकन किया। इस बैठक में सुरक्षा चिंताओं और मौजूदा समस्याओं पर चर्चा की गई। जानें कैसे सरकार ने शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए कदम उठाए हैं।

मुख्य बातें

मणिपुर में हाल ही में एक धमाका हुआ है जिसमें दो बच्चों की जान गई।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
सरकार लोगों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।
उग्रवादियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बम फेंका।
सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

इंफाल, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिष्णुपुर जिले में एक भयानक धमाके के कारण दो बच्चों की जान चली गई और उनकी मां घायल हो गईं। इस घटना के एक दिन बाद, मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति का गहन अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति और उससे जुड़े सुरक्षा मुद्दों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतियों का समाधान करने और शांति, स्थिरता और जन सुरक्षा की बहाली के लिए संवैधानिक उपायों पर चर्चा की गई।

अधिकारी ने यह भी बताया कि सरकार सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि लोगों के जीवन और हितों की रक्षा की जा सके और मणिपुर में कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।

इस उच्च-स्तरीय बैठक में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह, मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, मुख्य सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह के साथ-साथ सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बुधवार को इंफाल में तनाव फैल गया, जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के सरकारी आवासों में घुसने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी बिष्णुपुर जिले में सुरक्षा चूक के कारण हुई दो नाबालिगों की हत्या पर तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने काफी प्रयास किए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि बैठक के दौरान बाजार में महिला दुकानदारों को आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने मौजूदा हालात पर विचार-विमर्श किया और चिंताओं को दूर करने के उपायों पर विचार किया।

यह घटना मंगलवार को करीब एक बजे हुई, जब बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई गांव में एक घर पर एक शक्तिशाली बम गिरा। आरोप है कि यह बम संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा फेंका गया था। इस धमाके में एक पांच साल के लड़के और उसकी पांच महीने की बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल हो गईं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सरकार को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इस प्रकार की घटनाएँ समाज में अव्यवस्था और असुरक्षा का वातावरण पैदा करती हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिष्णुपुर जिले में धमाका कब हुआ?
यह धमाका मंगलवार को देर रात करीब एक बजे हुआ।
इस धमाके में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस धमाके में दो बच्चे मारे गए और उनकी मां घायल हुईं।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कब की?
मुख्यमंत्री ने बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
क्या सरकार ने सुरक्षा उपायों पर चर्चा की?
हाँ, बैठक में मौजूदा सुरक्षा चिंताओं और उपायों पर चर्चा की गई।
प्रदर्शनकारियों की मांग क्या थी?
प्रदर्शनकारी दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले