मणिपुर के 5 जिलों में इंटरनेट सेवाओं का निलंबन, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा में मुख्यमंत्री शामिल
सारांश
Key Takeaways
- मणिपुर में इंटरनेट सेवाएं निलंबित
- बम विस्फोट के बाद की गई कार्रवाई
- सुरक्षा स्थिति की समीक्षा
- असामाजिक तत्वों के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं
- मुख्यमंत्री की प्राथमिकता शांति और सुरक्षा
इंफाल, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर सरकार ने मंगलवार को इंफाल घाटी के पांच जिलों में तीन दिनों के लिए इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं (ब्रॉडबैंड सहित) को निलंबित कर दिया है। यह निर्णय हिंसा को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बिष्णुपुर जिले में हुए एक जानलेवा बम विस्फोट के कुछ घंटे बाद उठाया गया। जानकारी के अनुसार, इस हमले को कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने अंजाम दिया था, जिसमें दो बच्चों की जान चली गई।
कमिश्नर-सह-सचिव (गृह) एन अशोक कुमार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अधिकारियों को चिंता है कि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके भड़काऊ सामग्री जैसे तस्वीरें, हेट स्पीच और वीडियो फैला सकते हैं, जिससे स्थिति और अधिक अस्थिर हो सकती है।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाना जरूरी हो गया है। इसके साथ ही, गलत जानकारी और झूठी अफवाहों के फैलने पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफार्मों पर मोबाइल फोन, टैबलेट और कंप्यूटर का इस्तेमाल करके गुमराह करने वाला सामग्री फैलाया जा सकता है। इसके अलावा, बल्क एसएमएस सेवाओं के माध्यम से भीड़ जुटाने की कोशिश की जा सकती है, जिससे आगजनी, तोड़फोड़ और अन्य हिंसक घटनाएं हो सकती हैं।
इन सभी खतरों को देखते हुए, सरकार ने प्रभावित जिलों में इंटरनेट सेवाओं को कुछ समय के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है। इसमें ब्रॉडबैंड, वीसैट और वीपीएन सेवाएं भी शामिल हैं। यह रोक मंगलवार को दोपहर 2 बजे से लागू हो गई है और तीन दिनों तक जारी रहेगी, जब तक राज्य सरकार की ओर से कोई विशेष छूट न दी जाए।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इंफाल के सिविल सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई।
इस बैठक में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह, मणिपुर सरकार के मुख्य सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह और सेना तथा अर्धसैनिक बलों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा, खेमचंद सिंह ने विधायकों के एक समूह के साथ एक अलग बैठक की, जिसमें स्थिति का जायजा लिया गया और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की गई।
फेसबुक पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में स्थिरता बहाल करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने बिष्णुपुर जिले में हुए बम विस्फोट की कड़ी निंदा की। यह घटना रात करीब 1 बजे हुई, जब संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा एक शक्तिशाली विस्फोटक एक घर पर गिराया गया। इस हमले में एक पांच साल के लड़के और उसकी पांच महीने की बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी माँ घायल हो गईं। यह घटना उस समय हुई जब ये तीनों सो रहे थे।