क्या मथुरा हादसे पर पीएम मोदी ने दुख व्यक्त किया और आर्थिक मदद का ऐलान किया?
सारांश
Key Takeaways
- मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा हुआ।
- घने कोहरे के कारण 7 बसें और 3 छोटे वाहन आपस में टकराए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहायता की घोषणा की।
- मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए दिए जाएंगे।
- घायलों को 50 हजार रुपए की मदद मिलेगी।
मथुरा, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक भीषण हादसा घटित हुआ। घने कोहरे के कारण सात बसें और तीन छोटे वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता का ऐलान किया।
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम मोदी के हवाले से एक्स पर पोस्ट किया, "उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई दुर्घटना में लोगों की जान का नुकसान अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।" पीएमएनआरएफ से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50 हजार रुपए मिलेंगे।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "जनपद मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।" उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
यह भी ध्यान दें कि इस भीषण हादसे में 13 लोगों की जान गई। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि वाहनों में आग लग गई। हादसे के बाद 70 लोगों को जलती हुई गाड़ियों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने का कार्य चल रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, पहले एक दुर्घटना हुई, जिसके बाद तीन से छह बसों में आग लग गई। हादसे के समय बसें पूरी तरह भरी हुई थीं और सभी सीटों पर यात्री मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह घटना के समय सो रहा था। अचानक जोरदार आवाज के साथ आग फैल गई, जिससे यात्री में अफरा-तफरी मच गई।