क्या मौलाना महमूद मदनी का बयान उनकी दूषित मानसिकता का परिणाम है? महंत राजू दास का कहना

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क्या मौलाना महमूद मदनी का बयान उनकी दूषित मानसिकता का परिणाम है? महंत राजू दास का कहना

सारांश

महंत राजू दास ने मौलाना महमूद मदनी के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी मानसिकता को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इस्लाम के प्रचार की कोशिशों को नकारते हुए भारत में सहिष्णुता और विविधता की अहमियत को रेखांकित किया। क्या मदनी का बयान देश की सांस्कृतिक एकता को खतरे में डालता है?

Key Takeaways

  • सहिष्णुता का महत्व रेखांकित किया गया है।
  • भारत एक बहुधार्मिक देश है।
  • मौलाना महमूद मदनी के विचारों का विरोध किया गया।
  • हलाला पर आपत्ति जताई गई।
  • धार्मिक विचारों की विविधता को स्वीकार करने की आवश्यकता है।

अयोध्या, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने मौलाना महमूद मदनी के बयान को उनकी दूषित मानसिकता का परिणाम बताया।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मौलाना का यह मानना है कि भारत में सभी नागरिकों को इस्लाम अपनाना चाहिए। हम सहिष्णुता के अनुयायी हैं, इसलिए हमारे देश में मदनी जैसे लोग अपनी बात कह पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मौलाना महमूद मदनी को यह समझना चाहिए कि भारत में केवल मुस्लिम ही नहीं, बल्कि हिंदू, सिख और अन्य धर्मों के लोग भी रहते हैं। जिस तरह से वे सभी नागरिकों को इस्लामिक विचारधारा में लाने की कोशिश कर रहे हैं, वह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

राजू दास ने मदनी के द्वारा हलाला का उल्लेख किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मौलाना का बयान वर्तमान राजनीतिक स्थिति में किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। हलाला को लागू करने की कोशिश करने वाले ये लोग केवल समाज को भ्रमित कर रहे हैं और भोले-भाले लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन ये प्रयास सफल नहीं होंगे।

महंत राजू दास ने मौलाना महमूद मदनी के बयान पर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि क्यों सभी मुस्लिम देशों में अन्य धर्मों के लोगों की संख्या कम हो रही है? क्यों उनका अस्तित्व संकट में है? क्यों सभी मुस्लिम देशों में रहने वाले अन्य धार्मिक समुदायों की संस्कृति खतरे में है? आखिर क्यों मुस्लिम समुदाय के लोग केवल भारत में ही सुरक्षित हैं? इस पर मौलाना महमूद मदनी को अपने विचार स्पष्ट करने की आवश्यकता है।

महंत राजू दास ने कहा कि आखिर क्यों हमारे जैसे लोग भारत में ही पैदा हो रहे हैं? क्यों नहीं हमारे जैसे लोग मुस्लिम देशों में जन्म लेते हैं? इस सवाल का उत्तर मौलाना महमूद मदनी के पास नहीं है।

Point of View

दास ने इस्लाम के प्रचार की कोशिशों को नकारते हुए यह बताया कि भारत एक बहुधार्मिक देश है। यह मुद्दा न केवल धार्मिक सहिष्णुता का है, बल्कि देश की सामाजिक एकता और सामंजस्य का भी है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

महंत राजू दास का मौलाना मदनी के बयान पर क्या कहना है?
महंत राजू दास ने मौलाना मदनी के बयान को उनकी दूषित मानसिकता का परिणाम बताया है।
राजू दास ने हलाला पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने हलाला को मौजूदा राजनीतिक स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता कहा।
महंत राजू दास ने मौलाना मदनी के विचारों पर क्या सवाल उठाए?
उन्होंने पूछा कि क्यों मुस्लिम देशों में अन्य धर्मों के लोगों की संख्या कम हो रही है।
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