क्या प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान- कोई युवा पहली बार मतदाता बने, गांव-मोहल्ले में मनाया जाना चाहिए जश्न?

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क्या प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान- कोई युवा पहली बार मतदाता बने, गांव-मोहल्ले में मनाया जाना चाहिए जश्न?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' पर युवाओं से आग्रह किया है कि पहली बार मतदाता बनने पर इसे जश्न के रूप में मनाना चाहिए। यह कदम मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु महत्वपूर्ण है। जानें, पीएम मोदी के इस आह्वान का महत्व और कैसे यह हमारे लोकतंत्र को सशक्त बनाएगा।

मुख्य बातें

पहली बार मतदाता बनने पर उत्सव मनाना चाहिए।
मतदाता लोकतंत्र की आत्मा होते हैं।
जागरूकता बढ़ाने के लिए इसे एक सामूहिक उत्सव के रूप में मनाना जरूरी है।
18 साल का होना और वोटर बनना एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है।
युवाओं को रजिस्ट्रेशन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के अवसर पर सभी देशवासियों से अनुरोध किया है कि जब कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो इसे एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए। मन की बात कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में उन्होंने कहा कि इस तरह के उत्सवों से लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

साल 2026 के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए पीएम मोदी ने कहा, "26 जनवरी को हम सभी 'गणतंत्र दिवस' का पर्व मनाएंगे। इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। 26 जनवरी का यह दिन हमें अपने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि देने का अवसर प्रदान करता है। आज 25 जनवरी का दिन भी महत्वपूर्ण है। आज 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' है।"

उन्होंने बताया कि मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है। जब कोई व्यक्ति 18 साल का होता है और मतदाता बनता है, तो इसे जीवन का एक सामान्य पड़ाव माना जाता है। लेकिन, यह किसी भी भारतीय के लिए एक बहुत बड़ा माइलस्टोन होता है। इस बीच, पीएम मोदी ने कहा, "यह आवश्यक है कि हम देश में मतदाता बनने का उत्सव मनाएं।"

उन्होंने जोर देते हुए कहा, "जैसे हम जन्मदिन पर बधाई देते हैं और उसे मनाते हैं, उसी तरह जब भी कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो पूरा मोहल्ला, गांव या शहर एकजुट होकर उसका स्वागत करे और मिठाइयां बांटे। इससे लोगों में वोटिंग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इसके साथ ही यह भावना भी मजबूत होगी कि एक मतदाता होना कितना महत्वपूर्ण है।"

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "जो लोग चुनावी प्रक्रिया से जुड़े रहते हैं, वे लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर काम करते हैं। मैं उन सभी की सराहना करना चाहूंगा। आज 'मतदाता दिवस' पर मैं अपने युवा साथियों से फिर आग्रह करता हूं कि वे 18 साल का होने पर वोटर के रूप में खुद को अवश्य रजिस्टर करें।"

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे उत्सव के रूप में मनाए जाने से न केवल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि युवा पीढ़ी में लोकतंत्र के प्रति एक सशक्त भावना भी विकसित होगी। यह कदम हमारे लोकतंत्र को और भी मजबूत बनाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?
राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री का इस दिन पर क्या आह्वान है?
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से आग्रह किया है कि जब वे पहली बार मतदाता बनें, तो इसे उत्सव के रूप में मनाएं।
मतदाता बनने का क्या महत्व है?
मतदाता बनना हर नागरिक का अधिकार है और यह लोकतंत्र की आत्मा को दर्शाता है।
मतदाता बनने की प्रक्रिया क्या है?
18 साल की उम्र में व्यक्ति को वोटर के रूप में रजिस्टर करने की आवश्यकता होती है।
मतदाता दिवस का क्या उद्देश्य है?
इस दिन का उद्देश्य मतदाता जागरूकता फैलाना और मतदान के महत्व को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस