क्या मुंबई पुलिस ने फर्जी नोट मामले में बांग्लादेश बॉर्डर से महिला आरोपी को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरोपी को बांग्लादेश सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया।
- अमरुद्दीन शेख पहले भी फर्जी नोट बाजार में चला चुका था।
- पुलिस जांच में पता चला कि महिला 12 से 14 लाख रुपए के फर्जी नोट वितरित कर चुकी थी।
- फर्जी नोटों का कारोबार गंभीर समस्या बनता जा रहा है।
- मुंबई पुलिस आगे की जांच कर रही है।
मुंबई, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीएमसी चुनावों की तैयारियों के बीच, मुंबई पुलिस ने बुधवार को एक उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। फर्जी नोट के मामले में एक महिला आरोपी को बांग्लादेश सीमा के निकट गिरफ्तार किया गया है।
यह गिरफ्तारी पिछले सप्ताह दादर रेलवे स्टेशन के पास से हुए नकली नोटों की बरामदगी से संबंधित है, जिसमें एक आरोपी को पकड़ा गया था और एक महिला फरार थी।
पिछले सप्ताह, शिवाजी पार्क पुलिस ने दादर रेलवे स्टेशन के पास अमरुद्दीन शेख (उम्र 61 वर्ष) को फर्जी नोटों के साथ पकड़ा था। उसके पास से 500-500 रुपए के 72 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे। जांच में पता चला कि ये नकली नोट अत्यंत उच्च गुणवत्ता के थे और इन्हें बांग्लादेश से भारत लाए जाने की संभावना है।
पूछताछ में पता चला कि अमरुद्दीन शेख पहले भी हजारों रुपए के नकली नोट बाजार में चला चुका है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये नकली नोट किन-किन क्षेत्रों में और किन माध्यमों से इस्तेमाल किए गए।
इस मामले में फरार महिला आरोपी की तलाश की जा रही थी, जिसे बुधवार को झारखंड के साहेबगंज जिले में बांग्लादेश सीमा के पास से पकड़ा गया है। गिरफ्तार महिला की पहचान जोसना बीबी उर्फ जोसना सेराजुल शेख (उम्र 49 वर्ष) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई राधानगर पुलिस थाने के सहयोग से की गई।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि महिला आरोपी अमरुद्दीन शेख के साथ मिलकर कई लोगों को फर्जी नोट की आपूर्ति करती थी। वह 60 हजार रुपए के असली नोट के बदले 1 लाख रुपए के नकली नोट उपलब्ध कराती थी। आशंका है कि महिला ये नकली नोट बांग्लादेश से भारत लाती थी। महिला पिछले दो वर्षों से इस अवैध व्यवसाय में सक्रिय थी और अनुमान है कि इस दौरान उसने 12 से 14 लाख रुपए के फर्जी नोट भारत में वितरित किए हैं।
अभी, मुंबई पुलिस इस पूरे फर्जी नोट नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और आगे की जांच जारी है।