क्या नंदकिशोर ने ओम प्रकाश राजभर से माफी मांगने की मांग की?
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 5 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर दिए गए एक बयान के कारण मंत्री ओमप्रकाश राजभर विवादों में फंस गए हैं। गाजियाबाद के लोनी से विधायक नन्द किशोर गुर्जर उनके समर्थन में खड़े हुए हैं और राजभर से माफी की मांग कर रहे हैं। उनका पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
विधायक नन्द किशोर ने पत्र में लिखा है कि आप सुभासपा पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में एक सम्मानित मंत्री हैं। एबीवीपी जैसे राष्ट्रवादी संगठन को 'गुंडा' कहकर संबोधित करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह देश के युवा वर्ग का अपमान भी है। एबीवीपी ने हमेशा छात्रहित और राष्ट्रहित के मुद्दों पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया है। श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी में एलएलबी की मान्यता को लेकर छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने के विषय पर भी एबीवीपी और कॉलेज के छात्रों ने संवैधानिक दायरे में प्रदर्शन किया था, बिना किसी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाए।
उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यकर्ताओं ने कभी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया और न ही अराजकता फैलाई। फिर भी उन्हें 'गुंडा' कहकर संबोधित करना लाखों कार्यकर्ताओं और छात्रों का अपमान है। आपके द्वारा पूर्व में की गई अमर्यादित टिप्पणियाँ भी आपके पद के अनुकूल नहीं हैं। मैं खुद छात्रसंघ का अध्यक्ष रह चुका हूँ और जानता हूँ कि छात्र नेता कितने संवेदनशील होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ समाजवादी पार्टी के मानसिकता वाले अधिकारियों द्वारा एबीवीपी के युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास निंदनीय है। मुख्यमंत्री इस मामले को देख रहे हैं और निर्णय छात्र हित में होगा। ऐसे समय में आपको युवाओं के पक्ष में खड़ा होना चाहिए था, लेकिन आपने उन्हें 'गुंडा' कहकर अपमानित किया। आपके इस गैरजिम्मेदाराना बयान ने प्रदेश के लाखों छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश उत्पन्न किया है। यदि आपने तुरंत माफी नहीं मांगी, तो यह समझा जाएगा कि आप जानबूझकर राष्ट्रवादी छात्र संगठन की छवि खराब करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि आप तुरंत अपने शब्द वापस लें और परिषद के कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें, जो आपकी छवि के लिए भी अच्छा होगा।
ज्ञात हो कि यूपी के बाराबंकी के श्रीरामस्वरूप मेमोरियल वि.वि. में एलएलबी की मान्यता को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज हुआ, जिससे मामला गरमा गया। मुख्यमंत्री ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। इस बीच, मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को 'गुंडा' कह दिया, जिसके बाद एबीवीपी कार्यकर्ता भड़क उठे और लखनऊ में मंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन किया।