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नासिक में तकनीकी कंपनी के एचआर अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप, गिरफ्तार

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नासिक में तकनीकी कंपनी के एचआर अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप, गिरफ्तार

सारांश

नासिक की एक तकनीकी कंपनी में एचआर अधिकारी अश्विनी अशोक चैनानी को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न से संबंधित है, जो पिछले 3-4 वर्षों से चल रहा था। राज्य ने इसकी जांच के लिए विशेष दल का गठन किया है।

मुख्य बातें

नासिक की तकनीकी कंपनी में यौन उत्पीड़न के मामले में एचआर अधिकारी गिरफ्तार।
महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न की शिकायतें मिली हैं।
राज्य सरकार ने विशेष जांच दल का गठन किया है।
आरोपियों की संख्या सात हो गई है।
पीड़ितों के लिए सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता है।

मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के नासिक में स्थित एक तकनीकी कंपनी के मानव संसाधन (एचआर) अधिकारी को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

मानव संसाधन अधिकारी अश्विनी अशोक चैनानी को पुणे के लूला नगर से हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पीड़ितों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और वह मामले को टालते रहे, लेकिन बाद में पूरी रिपोर्ट सामने आई।

कंपनी के कार्यालय में महिला कर्मचारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार और उनकी शिकायतों पर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

मुंबई से केवल 200 किलोमीटर दूर नासिक स्थित तकनीकी कार्यालय में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न के मामले ने पुलिस और जिला प्रशासन में हलचल मचा दी है।

यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन की शिकायतों के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मानव संसाधन विभाग का कर्मचारी भी शामिल है, जो पुणे में रहता है।

इस मामले में विभिन्न पुलिस स्टेशनों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई हैं और अब तक सात लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, लगभग 3-4 वर्षों तक उनका यौन उत्पीड़न किया गया और पुलिस को रिपोर्ट करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्हें बार-बार धमकाया गया और धार्मिक अपमान का सामना करना पड़ा।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने शिकायतों की जांच करने और उत्पीड़न और धर्मांतरण की शिकायतों की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

शिकायतकर्ताओं में से अधिकांश 18-25 वर्ष के आयु वर्ग में हैं और कथित तौर पर गरीब परिवारों से आते हैं। आरोपियों ने उनकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया और उन्हें लगातार परेशान किया। उन्हें यकीन नहीं था कि उनसे पूछताछ होगी या वे पकड़े जाएंगे।

कुछ पीड़ितों ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के तहत मानव संसाधन विभाग में औपचारिक शिकायतें कीं, लेकिन उनका दावा है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस ने मानव संसाधन अधिकारी को कार्यस्थल पर चल रहे उत्पीड़न को दबाने और शिकायतों को नजरअंदाज करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नासिक की तकनीकी कंपनी में यह पहला यौन उत्पीड़न का मामला है?
नहीं, यह मामला पिछले 3-4 वर्षों से चल रहा है, जिसमें अनेक महिला कर्मचारियों ने उत्पीड़न की शिकायत की थी।
क्या गिरफ्तार एचआर अधिकारी पर पहले भी आरोप लगे हैं?
फिलहाल इस मामले में पहले के आरोपों की जानकारी नहीं है।
विशेष जांच दल का गठन क्यों किया गया है?
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने शिकायतों की गहन जांच के लिए विशेष दल का गठन किया है।
क्या शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान की गई है?
इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं?
हाँ, पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
राष्ट्र प्रेस
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