ग्रेटर नोएडा में NCB का बड़ा ऑपरेशन: दो गुप्त ड्रग लैब ध्वस्त, ₹45 करोड़ का मादक पदार्थ ज़ब्त
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 17 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध नगर जिले के जहानाबाद कदलपुर गाँव में दो गुप्त सिंथेटिक ड्रग निर्माण प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया और एक विदेशी नागरिक सहित दो तस्करों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में 379.740 किलोग्राम एम्फैटेमिन युक्त सामग्री बरामद की गई, जिसका अनुमानित अवैध बाज़ार मूल्य लगभग ₹45 करोड़ बताया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर NCB की इस उपलब्धि की सराहना की।
ऑपरेशन का विवरण
विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर NCB की टीम ने शुक्रवार को जहानाबाद कदलपुर गाँव में एक साथ दो किराये के परिसरों पर छापे मारे। NCB के बयान के अनुसार, इन परिसरों को कथित तौर पर सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण और प्रसंस्करण के लिए परिवर्तित किया गया था।
बरामद 379.740 किलोग्राम एम्फैटेमिन युक्त पदार्थ में 4.260 किलोग्राम क्रिस्टलीय, 157.700 किलोग्राम अर्ध-क्रिस्टलीय और 217.780 किलोग्राम तरल पदार्थ शामिल था। इसके अलावा 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन भी ज़ब्त किया गया। इस सामग्री से लगभग 56 किलोग्राम तैयार क्रिस्टलीय एम्फैटेमिन प्राप्त होने का अनुमान अधिकारियों ने लगाया है।
ज़ब्त रसायन और उपकरण
प्रयोगशालाओं से हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटेशियम परमैंगनेट सहित बड़ी मात्रा में रसायन बरामद किए गए, जिनका उपयोग मेथम्फेटामाइन के निर्माण में होता है। परिसरों में बड़ी क्षमता वाले हीटिंग मेंटल, काँच के अभिक्रिया पात्र, रासायनिक भंडारण ड्रम, निस्पंदन उपकरण, वजन मापने के तराजू और रेस्पिरेटर जैसे पूर्ण प्रयोगशाला उपकरण मिले।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
NCB ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान डेस्टिनी अब्राहम डुंबिरी और लल्लावमज़ुआली उर्फ ओलिविया लालचाविमावी (मिज़ोरम निवासी) के रूप में की है। आव्रजन रिकॉर्ड के अनुसार, डुंबिरी जनवरी 2020 में सिएरा लियोन के नागरिक फ्रांसिस कालोकोह के रूप में वैध पर्यटक वीज़ा पर भारत में प्रवेश कर दिसंबर 2020 तक यहाँ रहा।
ओलिविया को इससे पहले मार्च 2026 में गोवा के डाबोलिम हवाई अड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उनके चेक-इन बैगेज से 313 ग्राम हेरोइन युक्त पाउडर (व्यावसायिक मात्रा) ज़ब्त की गई थी। वे फिलहाल उस मामले में जमानत पर हैं।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई का उल्लेखनीय उदाहरण है और नारकोटिक्स कंट्रोल विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029 के अनुरूप दिसंबर 2029 से पहले ड्रग कार्टेल को समाप्त करने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
शाह ने यह भी कहा कि यह अभियान नशामुक्त भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने NCB को इस सफलता पर बधाई दी।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार सिंथेटिक ड्रग्स — विशेष रूप से एम्फैटेमिन और मेथम्फेटामाइन — के बढ़ते नेटवर्क पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि ये दवाएँ परंपरागत नशीले पदार्थों की तुलना में अधिक प्रभावशाली और निर्माण में सुलभ होती हैं, जिससे ये ड्रग कार्टेल के लिए आकर्षक बन जाती हैं। यह मामला इस बात की भी पुष्टि करता है कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर नेटवर्क भारत के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को संचालन आधार के रूप में उपयोग कर रहे हैं।
NCB के अनुसार जाँच जारी है और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।