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BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का जयपुर में युवाओं से आह्वान: 'राष्ट्र प्रथम' अपनाएँ, 2047 का सपना साकार करें

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BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का जयपुर में युवाओं से आह्वान: 'राष्ट्र प्रथम' अपनाएँ, 2047 का सपना साकार करें

सारांश

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जयपुर में युवाओं से कहा — जीवन मैराथन है, शॉर्टकट नहीं। 'राष्ट्र प्रथम' की भावना अपनाएँ और 2047 तक विकसित भारत बनाने में अपनी भूमिका तय करें।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 25 सितंबर 2026 को जयपुर में 'युवा संवाद' कार्यक्रम को संबोधित किया।
युवाओं से शॉर्टकट से बचने और धैर्य के साथ मेहनत करने की अपील; कहा — 'जीवन मैराथन है, 100 मीटर की दौड़ नहीं।' युवाओं के सामने तीन सवाल रखे — कैसा भारत , कैसा राजस्थान और नागरिक के रूप में अपनी भूमिका क्या।
प्राथमिकता में पहले राष्ट्र , फिर राज्य/संगठन , फिर स्वयं रखने का आह्वान किया।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी 'राष्ट्र प्रथम' के साथ जीवन-लक्ष्य तय करने का संदेश दिया।
140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता से 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होने की बात कही।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 25 सितंबर 2026 को जयपुर में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में युवाओं से 'राष्ट्र प्रथम' की भावना अपनाने और शॉर्टकट से बचकर धैर्य के साथ मेहनत करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीवन 100 मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि एक मैराथन है — जिसमें रफ्तार से अधिक सहनशक्ति की जरूरत होती है। राजस्थान के युवाओं को संबोधित करने वाला यह कार्यक्रम 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़े राष्ट्रव्यापी संवाद अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।

मुख्य संदेश: शॉर्टकट नहीं, सहनशक्ति

नवीन ने युवाओं को समझाते हुए कहा कि छोटी दौड़ में गति की परीक्षा होती है, जबकि लंबी दूरी की दौड़ में धैर्य और सहनशक्ति की। उनका कहना था कि शॉर्टकट से जल्दी परिणाम मिलता हुआ दिख सकता है, लेकिन वह मंजिल तक पहुँचाने की गारंटी नहीं देता। सफलता के लिए समर्पण, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता अनिवार्य है — यह उनका मूल संदेश था।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे छोटी-मोटी असफलताओं से निराश होकर कोई नुकसानदेह फैसला न लें और अपने लक्ष्य से दूर न जाएँ। नवीन ने कहा, 'किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए। छोटी जिम्मेदारी भी बड़ी और सकारात्मक सोच के साथ की जाए तो वह महत्वपूर्ण बन सकती है।'

युवाओं के सामने तीन सवाल

नवीन ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं के सामने तीन सवाल रखे — पहला, वे भविष्य में कैसा भारत देखना चाहते हैं? दूसरा, वे कैसा राजस्थान चाहते हैं? और तीसरा, एक नागरिक के रूप में वे अपनी क्या भूमिका देखते हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता में सबसे पहले राष्ट्र, उसके बाद राज्य या संगठन, और फिर स्वयं को रखना चाहिए।

राजस्थान के युवाओं की आवाज, कविताओं और गीतों में दिखे उत्साह का भी उन्होंने विशेष उल्लेख किया। गौरतलब है कि यह आयोजन तब हुआ है जब BJP विभिन्न राज्यों में युवा वर्ग से संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

मोदी और विवेकानंद का संदर्भ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए नवीन ने कहा कि राजनीति देश की दिशा और विकास में योगदान देने का अवसर दे सकती है। उन्होंने 2012-13 के दौर का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय युवाओं के बीच निराशा थी, और मोदी ने उन्हें खुद पर और देश पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए नवीन ने कहा, 'उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।' उन्होंने एक और संदेश दिया — 'अतीत एक खजाना है, उसे संभालकर रखें। वर्तमान एक संघर्ष है, उसमें डटे रहें और भविष्य एक सपना है, उसकी ओर आगे बढ़ें।'

प्रदेश अध्यक्ष का आह्वान

BJP के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी इस अवसर पर युवाओं से 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ जीवन का लक्ष्य तय करने का आग्रह किया। राठौड़ ने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धि महत्वपूर्ण है, किंतु देश और समाज के लिए काम करने से जो पहचान और सम्मान मिलता है, वह अतुलनीय है।

आगे की दिशा

यह 'युवा संवाद' कार्यक्रम BJP के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। नवीन के अनुसार, यदि 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर इस दिशा में आगे बढ़ें, तो यह लक्ष्य हासिल करना संभव है। आने वाले समय में इस तरह के और कार्यक्रमों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब राजस्थान सहित कई राज्यों में युवा बेरोज़गारी और अवसरों की कमी चर्चा में है। नवीन का 'मैराथन' वाला रूपक प्रेरक है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि प्रेरणा और नीतिगत रोज़गार-सृजन के बीच की खाई को भरने के लिए BJP का ठोस कार्यक्रम क्या है। इस तरह के संवाद कार्यक्रम तब अधिक प्रभावी होते हैं जब वे युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने के साथ-साथ उनकी शिकायतों का भी जवाब दें।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन नवीन का 'युवा संवाद' कार्यक्रम क्या था?
25 सितंबर 2026 को जयपुर में आयोजित 'युवा संवाद' BJP का एक संवाद कार्यक्रम था, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राजस्थान के युवाओं को 'राष्ट्र प्रथम' की भावना अपनाने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
नितिन नवीन ने युवाओं को क्या संदेश दिया?
नवीन ने कहा कि जीवन 100 मीटर की दौड़ नहीं बल्कि मैराथन है — इसलिए शॉर्टकट से बचें और धैर्य के साथ लगातार मेहनत करें। उन्होंने युवाओं से अपील की कि छोटी असफलताओं से निराश होकर कोई नुकसानदेह फैसला न लें।
'राष्ट्र प्रथम' से BJP का क्या आशय है?
BJP के अनुसार 'राष्ट्र प्रथम' का अर्थ है कि प्राथमिकता में सबसे पहले राष्ट्र, फिर राज्य या संगठन, और उसके बाद स्वयं को रखा जाए। नवीन ने इसे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा।
कार्यक्रम में किन नेताओं ने भाग लिया?
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और युवाओं से 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ जीवन-लक्ष्य तय करने का आह्वान किया।
2047 विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका क्या बताई गई?
नवीन ने कहा कि यदि भारत के 140 करोड़ नागरिक एकजुट होकर आगे बढ़ें तो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। युवाओं से सार्वजनिक जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखने और राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
राष्ट्र प्रेस
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