क्या सीएम नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण में एक रोल मॉडल हैं? नीरज कुमार का बयान
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार ने 10 लाख महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर किए हैं।
- महिला सशक्तिकरण के लिए जेडीयू का यह कदम महत्वपूर्ण है।
- तेजस्वी यादव की राजनीति पर नीरज कुमार ने सवाल उठाए।
- महिला रोजगार योजना का लाभ महिलाओं को मिल रहा है।
- बिहार का भविष्य विकास की दिशा में अग्रसर है।
पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में नीतीश कैबिनेट ने 10 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इस पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण के एक प्रेरणादायक मॉडल हैं। जब हमने महिला रोजगार योजना शुरू की, तो विपक्ष ने उन पर महिलाओं को पैसे बांटने का आरोप लगाया और लक्ष्मी का अपमान किया। इसका परिणाम उन्हें चुनावों में मिला। चुनाव परिणाम आने के बाद भी, सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य की 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।"
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा, "चुनाव के बाद, सीएम नीतीश कुमार सक्रिय मोड में हैं, जबकि विपक्ष हताश है। तस्वीर स्पष्ट है कि सीएम नीतीश कुमार विकास कार्यों में भाग ले रहे हैं। लोगों को चिंता मुक्त रहना चाहिए। 2025 से 2030 तक नीतीश कुमार बिहार को विकास के मामले में एक बड़ी छलांग दिलाने वाले हैं। इससे बिहार विकसित भारत के राज्यों की श्रेणी में खड़ा होगा।"
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की बैठक पर नीरज कुमार ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "ऐसा शुभ समय तेजस्वी यादव के जीवन में संयोग से आता है। जनता ने उनकी राजनीति और नारों को नकार दिया है। तेजस्वी ने बिहार की मां-बहनों का अपमान किया है। 2014 लोकसभा चुनाव में जदयू के मात्र दो सांसदों की जीत हुई थी, जिसके बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। तेजस्वी को इस स्थिति में ऐसे अवसर को न चूकना चाहिए। हमें उम्मीद है कि तेजस्वी यादव इस्तीफा देंगे और कुमार सर्वजीत को विधायक दल का नेता बनाएंगे। तेजस्वी यादव को पहचान की आवश्यकता नहीं है। वे लालू यादव के बेटे हैं, तो सभी उन्हें जानते हैं। तेजस्वी को राजनीति में आत्मसम्मान के साथ रहना चाहिए।"
उन्होंने लखीसराय में विजय सिन्हा के कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग विवाद पर कहा, "जब यह सूचना मिली, तो पुलिस ने बंदूक जैसे दिखने वाले उपकरण को जब्त किया। दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। जांचकर्ताओं ने बताया कि ऐसे उपकरण का उपयोग आतिशबाजी में होता है। विपक्ष के लोग इसे हर्ष फायरिंग के रूप में चिह्नित कर रहे थे। यदि विपक्ष के पास कोई सबूत है, तो उन्हें पेश करना चाहिए, जिसकी पुलिस जांच करेगी।"