नोएडा: रायपुर मंदिर के पीछे दुकानों में भीषण आग, सिलेंडर ब्लास्ट से फैली दहशत
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में रायपुर मंदिर के पीछे स्थित खाने-पीने की दुकानों में 24 अक्टूबर 2026 को अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसमें चार से अधिक दुकानें जलकर प्रभावित हुईं। आग के दौरान गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की सूचना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
घटनाक्रम: कैसे फैली आग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर मंदिर के पीछे सटी खाने-पीने की कई दुकानों में शनिवार को अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने चार से अधिक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले गैस सिलेंडरों की मौजूदगी के चलते आग की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी रही।
इसी बीच सिलेंडर में विस्फोट होने की सूचना ने मौके पर खड़े लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी। घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे राहत कार्य में अतिरिक्त चुनौती आई।
पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-126 की स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँच गई। पुलिसकर्मियों ने प्राथमिकता के आधार पर लोगों को घटनास्थल से दूर हटाना शुरू किया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके और राहत व बचाव कार्य सुचारू रूप से चल सके।
आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाया गया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए गए। पुलिस बल घटनास्थल पर मौजूद रहकर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में जुटा रहा।
नुकसान और हताहत की स्थिति
फिलहाल आधिकारिक सूत्रों की ओर से आग लगने के सटीक कारण, दुकानों को हुए नुकसान की सीमा और किसी के हताहत होने के बारे में कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति की समीक्षा की जा रही है और विस्तृत ब्यौरा जाँच के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।
गौरतलब है कि खाने-पीने की दुकानों में एलपीजी सिलेंडरों का व्यापक उपयोग होता है, जिससे किसी भी आग की घटना में विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है और यह स्थानीय आबादी के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती है।
आगे की स्थिति
अभी तक दमकल विभाग की प्रतिक्रिया और आग पर काबू पाने के संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। आग के वास्तविक कारणों और नुकसान की पूरी तस्वीर जाँच पूरी होने पर ही स्पष्ट हो सकेगी।