क्या ओडिशा में ईडी ने अवैध खनन माफियाओं के ठिकानों पर छापा मारा?
सारांश
Key Takeaways
- गंजाम में अवैध खनन पर ईडी की बड़ी कार्रवाई।
- करोड़ों की नकदी और अन्य सामग्री जब्त।
- माफियाओं के राजनीतिक संबंधों की जांच।
- अवैध खनन से सरकारी खजाने को नुकसान।
- छापेमारी अभी जारी है।
भुवनेश्वर, १६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय से शुक्रवार को धन शोधन निवारण अधिनियम, २००२ (पीएमएलए) के अंतर्गत गंजाम जिले में अवैध और बिना अनुमति के रेत और ब्लैक स्टोन जैसी लघु खनिजों की खुदाई और बिक्री में संलग्न माफियाओं के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की।
केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट के अनुसार, अवैध खनन में शामिल माफियाओं के बीच गहरा व्यापारिक संबंध है।
ईडी ने कहा, “छापेमारी के दौरान जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वे दलालों, गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले माफियाओं और उनके व्यापारिक साझेदारों के हैं। इनमें ऐसे गैंगस्टर और बाहुबली भी शामिल हैं, जो अपनी ताकत का इस्तेमाल करके लोगों को डराकर और परेशान करके लघु खनिजों की अवैध खुदाई कर रहे थे।”
ईडी ने भारत के लेखा परीक्षक (सीएजी) की हालिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें गंजाम जिले की रुखसिकुल्या, बहुड़ा और बड़ा नदियों के किनारों पर फैले व्यापक अवैध खनन की चेतावनी दी गई है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है।
प्रेस नोट में एजेंसी ने आगे बताया, “छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपए की नकदी से भरी अलमारी, हाई-एंड बेनामी वाहन और अचल संपत्ति, समझौते और खनन पट्टों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें जब्त किया जाएगा।”
एजेंसी ने यह भी कहा कि छापेमारी अभी जारी है और नकदी की सही राशि तथा मामले से जुड़े अन्य विवरण छापेमारी पूरी होने के बाद ही साझा किए जाएंगे। ईडी ओडिशा राज्य में अवैध खनन मामले की पूरी जांच कर रही है।
इस बीच, स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ईडी की जांच में शामिल माफियाओं की सूची प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से जुड़ी हुई है। इन माफियाओं ने गंजाम जिले में रेत और ब्लैक स्टोन के अवैध खनन के जरिए भारी मात्रा में पैसा कमाया है।